रिपोर्टर : हेमन्त सिंह
अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्राओं, युवतियों, महिलाओं को चिन्हित कर उनके साथ हुई सीरियल दुष्कर्म में सम्मिलिन सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने एवं ट्रायबल समुदाय पर लगातार हो रहे अत्याचार शोषण प्रनाड़ना और संवैधानिक अधिकारों के हनन पर रोक लगाये जाने बावत, जिला कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कटनी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी भारत महामहिम राज्यपाल महोदय जी मध्यप्रदेश शासन भोपाल माननीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत अनुसूचित जनजाति महिला आयोग भारत
उपरोक्त संदर्भित दैनिक अखवार/समाचार पत्र में छपे खबरों से एक अन्तर्मन को झकझोर देने वाली खबर, जनजाति वर्ग की छात्राओं, युवनियों व महिलाओं के साथ मानवीयता को तार-तार करने वाली मीरियल दुष्कर्म की घटना संबंधी खबरें हमारे मामने आयी हैं। जिने विभिन्न अखबारों/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/डिजिटल मीडिया ने अपने-अपने हैडिंग के साथ उक्त सीरियल दुष्कर्म की घटना व उसके विभिन्न पहलुओं को प्रमुखता से छापा है।
आज देश के प्रत्येक नागरिक महिला/पुरूप के मानवीय अधिकारों की सुरक्षा हेतु विभिन्न राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अधिनियम प्रभावी हैं। समस्त नियम-कानून के बाद भी अनुसूचित जनजाति समुदाय पर आये दिन हो रहे अत्याचार, शोपण, बलात्कार, हत्याकांड व संवैधानिक अधिकारों के हनन की घटनाओं और सीधी जिले की मीरियल दुष्कर्म की घटनाओं से संपूर्ण अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक संगठनों के साथ-साथ संपूर्ण मध्यप्रदेश व देश के सभी पाठकों/नागरिकों में भारी रोष व्याप्त है।
प्रदेश में संवैधानिक व्यवस्थाओं, अत्याचारों में अंकुश एवं मानवीय अधिकारों के संरक्षण हेतु पर्याप्त नियम कानून होने बाद भी, प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के साथ-साथ सभी मानव समुदाय का आज दहशत में जीवन-यापन को बाध्य होना, बहुत चिंताजनक स्थिति है।महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं, अनुसूचित जनजाति वर्ग के बहन-बेटियों के साथ हुई सीधी जिले
की सीरियल दुष्कर्म बर्बरता संबंधी विषयांकित घटनाओं से साफ है कि अपराधियों, गुंडों, बदमाशों के हौसले बहुत बुलंद हैं, उन्हें कानून का अब किसी भी प्रकार का भय नहीं है या फिर अपराधियों को खुला संरक्षण प्राप्त है।
इस प्रकार महिला सुरक्षा व सम्मान के संहिताओं को धता बताकर सीरियल दुष्कर्म की शर्मसार करने वाली इस घटना से पूरे देश में मध्यप्रदेश की छवि भी धूमिल हुई है।
महोदय, विषयांकित घटनाओं पर विस्तृत जांच हेतु शासन द्वारा कमेटी का गठन किया गया है। गोंडवाना स्टुडेंट्स युनियन सीनियल दुष्कर्म की घटना से संबंधित समस्त तथ्यों व अपराध में लिप्त समस्त अपराधियों (परदे के सामने व परदे के पीछे के चेहरे) पर शिकंजा कसकर ठोस से ठोस कार्यवाई का निवेदन करता है। इसी निवेदन के साथ संदर्भ में उल्लेखित विभिन्न अखबारों/प्रिट मीडिया/डिजिटल मीडिया में छपे खबरों के
मुख्य पैराग्राफ पंक्तियों और उक्त खबरों से उत्पन्न संभावनाओं व जायज प्रश्नों पर भी संज्ञान लेने का
निवेदन करता है।


