नवीन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ
क्रय किये जाने वाली पुस्तकें यूनिफार्म, कॉपी,
स्टेशनरी आदि उचित मूल्य पर सुलभ कराये जाने हेतु पुस्तक मेले का आयोजन ।
नवीन शैक्षणिक सत्र 2024-25 दिनांक 01.04.2024 से शुरू होने से प्रदेश के
सभी शासकीय एवं निजी विद्यालयों में नवीन सत्र के लिए पठन-पाठन प्रारंभ हो गया
है।
2/ निजी विद्यालयों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग का मध्यप्रदेश निजी विद्यालय (फीस
तथा अन्य संबधित विषयों का विनियमन) अधिनियम 2017 एवं मध्यप्रदेश निजी विद्यालय
(फीस अन्य संबधित विषयों का विनियमन) नियम 2020 प्रभावशील हैं। नियम 2020 के
धारा 6 में प्रावधान है कि निजी विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र या अभिभावकों को पुस्तकें,
यूनिफार्म, टाई, जूते, कॉपी आदि केवल चयनित विक्रेताओं से क्रय करने के लिए
औपचारिक अथवा अनौपचारिक, किसी भी रूप में बाध्य नही किया जाएगा। छात्र या
अभिभावक इन सामग्रियों को खुले बाजार से क्रय करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
3/ जिलो में इस संबंध में प्राप्त हो रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए विभाग
द्वारा दिनांक 01.04.2024 को अधिनियम 2017 तथा नियम 2020 के प्रावधानों के अनुसार
कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देश जारी किया गया है। अधिनियम 2017 एवं नियम 2020
के प्रावधानों का सम्यक रूप से पालन में पुस्तक मेले का आयोजन सहायक हो सकता
है। कृपया अपने जिले की स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर ले। यदि लगता है
कि इस तरह की परेशानी विद्यार्थियो / अभिभावकों को हो रही है तो पुस्तक मेलों का
आयोजन करेगें। पुस्तक मेले में पुस्तकें, स्टेशनरी यूनिफार्म आदि के स्टाल स्थानीय

प्रकाशकों/विक्रेताओं द्वारा लगाये जाएगे । पुस्तक मेले के आयोजन हेतु दिशा निर्देश
निम्नानुसार जारी किये जाते हैं
पुस्तक मेले का यह उद्देश्य है कि नवीन शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में कय
किये जाने वाले पुस्तकें, यूनिफार्म, कॉपी, स्टेशनरी आदि उचित मूल्य पर
सुलभ हो ।
प्रत्येक जिले में एक उपयुक्त स्थान पर 03 दिवसीय पुस्तक मेला यथाशीघ्र
आयोजन किया जाए ।
इस मेले में पुस्तकों के प्रकाशकों, स्थानीय पुस्तक एवं स्टेशनरी विक्रेताओं,
सह शैक्षणिक सामग्री तथा यूनिफार्म विक्रेताओं को आंमत्रित किया जाए ।
पुस्तक मेले में उपरोक्त सामग्रियों की उपलब्धता के बारे में अभिभावकों एवं
छात्रों को सूचित किया जाए।
मेले के आयोजन हेतु आवश्यक व्यय स्थानीय तौर पर उपलब्ध मद से किया
जाए ।
लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए वर्तमान में आदर्श आचार संहिता प्रभावशील
। अतः इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
न हो। किसी राजनेता अथवा राजनैतिक दल द्वारा चुनावों में लाभ प्राप्त करने हेतु
पुस्तक मेले का किसी भी प्रकार से उपयोग नही किया जाए ।
पुस्तक मेले के आयोजन के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग की अनुमति प्राप्त
कर ली गई है।


