कटनी – शासकीय तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर खरे के निर्देशन और विभागाध्यक्ष लक्ष्मी नायक के मार्गदर्शन में शुक्रवार 9 फरवरी को अर्थशास्त्र विभाग में मौद्रिक नीति समीक्षा 2024 पर चर्चा का आयोजन किया गया। चर्चा में मुख्य वक्ता सुनील त्रिपाठी ने मौद्रिक नीति के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया की भारतीय रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत से 6 प्रतिशत के मध्य रखने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नीतिगत ब्याज दर की घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति करती है।
6 फरवरी से 8 फरवरी तक आयोजित मौद्रिक नीति समिति की बैठक में नीतिगत दरों में कोई भी बदलाव न करने का निर्णय लिया गया है। मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 6.5 प्रतिशत पर स्थित रखा है साथ ही रिवर्स रेपो रेट 3.35 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, सीमांत स्थाई सुविधा 6.75 प्रतिशत पर स्थिर है। समिति के द्वारा सी.आर.आर 4.5 प्रतिशत तथा सांविधिक तरलता अनुपात 18 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है जिस कारण बैंक द्वारा दिए जाने वाले ऋण के लिए उपलब्ध तरलता में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है।
रिजर्व बैंक द्वारा महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए रेपो दर में वृद्धि की जाती है वर्तमान मौद्रिक समीक्षा में नीतिगत दरों में कमी की उम्मीद की जा रही थी जिससे लोन सस्ते हो जाते और ईएमआई कम होती परंतु नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है जिससे ई.एम.आई में कोई परिवर्तन नहीं होगा। मुख्य वक्ता द्वारा बताया गया की अगर महंगाई दर भविष्य में कम होती है तो रिजर्व बैंक भविष्य में नीतिगत दरों में कटौती कर सकता है। इस चर्चा में विभाग के प्रोफेसर और विद्यार्थी शामिल रहे।


