शाजापुर जिले के जल स्त्रोतों में उपलब्ध जल को पेयजल से भिन्न प्रयोजन के लिए उपयोग किये जाने से जिले में औसत वर्षा 990.10 मि.मी. के स्थान पर 756.80 मि.मी. वर्षा होने के कारण भू-जल स्तर में आवश्यक बढ़ोत्तरी न होने से गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न होने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री ऋजु बाफना द्वारा म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत शाजापुर जिले को “जल अभावग्रस्त क्षेत्र” घोषित करते हुए संपूर्ण जिले में अशासकीय व निजी नलकूप खनन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी सुश्री बाफना द्वारा जारी आदेशानुसार शाजापुर जिले में पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत लगाए गए प्रतिबंध के अंतर्गत जन सामान्य द्वारा नलकूप खनन के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने पर इनके त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर को प्रदत्त अधिकारों को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रत्यायोजित किये जाना आवश्यक प्रतीत होता है। इसलिये म.प्र. पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत नलकूप खनन करने की अनुमति संबंधी अधिकारों का प्रत्यायोजन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को किया गया है।
नलकूप खनन की अनुमति विशेष परिस्थितियों में ही दी जाए, अधिक संख्या में खनन किसी भी स्थिति में कहीं नहीं होना चाहिए। बिना अनुमति नलकूप खनन करने वालों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। प्राप्त आवेदन पत्रों का निराकरण स्थानीय स्तर पर हो सकें, इसलिए प्राप्त आवेदन पत्रों के निराकरण के संबंध में ध्यान रखा जायें कि पेयजल के लिए आवश्यकता पड़ने पर ही नलकूप खनन की अनुमति दी जाये। कृषि प्रयोजन के लिए नलकूप खनन की अनुमति कतई न दी जाए। पेयजल के लिये नलकूप खनन की अनुमति उसी स्थिति में दी जाये, जब ग्राम में नल जल योजना नहीं हो या अपेक्षित स्थान से नजदीक कोई सार्वजनिक स्त्रोत जैसे हैंडपंप, कुँआ आदि न हो। 150 मीटर की त्रिज्या में नलकूप या कुँआ स्थित होने पर नलकूप खनन की अनुमति किसी भी स्थिति में न दी जाये।अनुमति देने के पूर्व यह ध्यान रखा जाये कि वर्णित अनुमति के परिप्रेक्ष्य में नलकूपों के खनन से आस-पास के जल स्त्रोतों पर विपरीत प्रभाव न पड़े। साथ ही निर्धारित मापदण्ड अनुसार दूरी का विशेष ध्यान रखा जाये। नलकूप की गहराई सीमा भी ऐसी रखी जाये, जिससे उसका प्रभाव समीपवर्ती नलकूपों पर न हो। अनुविभागीय अधिकारी, (राजस्व) यह सुनिश्चित करेंगे कि जिस स्थान के लिए नलकूप खनन की अनुमति दी जाना है उस स्थान के संबंध में संबंधित अनुविभागीय अधिकारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, उपखण्ड़ से तकनीकी रिपोर्ट, अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के उपरांत ही अनुमति प्रदान करें यह भी ध्यान रखा जाये कि आसपास का जल स्त्रोत इससे प्रभावित न हो।


