रिपोर्टर सीमा कैथवास
– आक्रोशित ग्रामीणजनों ने शनिवार को कलेक्टर और एसपी के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मकान तोड़ने सहित गांव से विस्थापन की पुरजोर उठाई मांग……
– एसडीओपी पराग सैनी के नेतृत्व में देहात पुलिस टीम ने फरार आरोपियों को अलग-अलग जगह से किया गिरफ्तार…..
नर्मदापुरम । पुराने विवाद के मामले में न्यायालय में चल रहे प्रकरण में समझौता करने की बात पर शुक्रवार 15 दिसम्बर शाम को ग्राम पलासडोह में दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। घटना के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर चाकू और लाठी से हमला कर दिया। चाकूबाजी और मारपीट की घटना में एक महिला सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए , जिन्हें घटना की रात को ही गंभीर अवस्था में नर्मदा अपना अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में देहात पुलिस ने आरोपियों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया
। जिन्हें न्यायालय द्वारा जमानत के अभाव में केंद्रीय जेल भेज दिया गया। पूरी घटना को लेकर एसडीओपी पराग सैनी के नेतृत्व में देहात पुलिस टीम की सक्रियता से सभी आरोपी पकड़े हैं। सूत्रों के अनुसार जिसमें एक आरोपी अस्पताल में भर्ती होने से छुट्टी होने पर उसकी गिरफ्तारी होना बताई जा रही है, जिस पर पुलिस की निगाहे लगी हुई हैं।
घटना के संबंध में पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुराने मामले को लेकर गांव के ही मेहरा और लोखंडे परिवार के बीच दीपावली के समय हुए विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है जिसमें समझौते को लेकर बातचीत चल रही थी। इसी बीच 15 दिसंबर की शाम को आरोपीगणों ने चाकू और लाठी से हमला कर दिया, जिसमें गौरव मेहरा गंभीर रूप से घायल हुआ। गौरव को बचाने के लिए बीच बचाव करने के दौरान पूजा मेहरा और विकास मेहरा भी घायल हो गए। घायलों के सिर सहित शरीर पर गंभीर चोटें आईं । सभी घायलों को नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसमें एक की हालत गंभीर बताई गई। घटना की जानकारी मिलते ही देहात पुलिस भी गांव पहुंच गई। वहीं घटना को लेकर एसडीओपी पराग सैनी ने बताया कि आरोपी तीरंदाज लोखंडे, अनिल लोखंडे, जितेंद्र लोखंडे, करण लोखंडे, लक्ष्मीबाई लोखंडे, ममता लोखंडे के खिलाफ देहात थाना में धारा 307,294,323, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। घटना के बाद फरार हुए आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा अलग-अलग स्थान से गिरफ्तार कर मा.न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से जमानत के अभाव में आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
वहीं दूसरी तरफ शुक्रवार रात को ग्राम पलासडोह में चाकूबाजी की इस गंभीर घटना के विरोध में पलासडोह के ग्रामवासियों ने बडी संख्या में कलेक्ट्रेट गेट के सामने पहुंचकर लोखंडे परिवार की गुंडागर्दी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोपी परिवार का मकान तोड़ने सहित गांव से विस्थापित किया जाने की मांग भी की। इस दौरान आक्रोशित ग्रामवासियों ने शहरी तहसीलदार देवशंकर धुर्वे को कलेक्टर सहित पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर आरोपीगणो के खिलाफ कठोर कार्यवाही सहित आरोपियों का मकान तोड़ने सहित गांव से विस्थापित किए जाने की भी मांग रखी। ज्ञापन के माध्यम से ग्रामवासियों ने आरोप भी लगाया कि अनु लोखंडे, करण लोखंडे, तीरंदाज ,लक्ष्मीबाई, जितेंद्र लोखंडे एवं बहन ममता आपस में सगे रिश्तेदार हैं तथा कई दिन से ग्रामवासियों के साथ मारपीट कर अड़ीबाजी कर पैसों की मांग करना व पैसे नहीं देने पर गाली-गलौज कर मारपीट की घटना आम हो गई है। यह लोग आदतन अपराधी हैं, सभी पर पुलिस थानों में मामले दर्ज हैं। राजस्व प्रकरण भी लंबित हैं। करण लोखंडे पर पूर्व से हत्या का मामला भी चल रहा है। ज्ञापन में अवगत कराया गया कि 15 दिसंबर को अनु लोखंडे, करण लोखंडे, तीरंदाज, लक्ष्मी, जितेंद्र लोखंडे एवं बहन ममता के घर के सामने ट्रांसफार्मर पर एक गिलकी की बेल चढ़ गई थी। जिस कारण उक्त डीपी में स्पार्किंग हो रही थी। इस स्पार्किंग के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका के चलते डीपी के सामने निवासरत विकास मेहरा द्वारा उक्त बेल को काट दिया गया था। जिसके बाद आरोपियों ने वाद विवाद कर धमकाया और जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसकी शिकायत विकास मेहरा द्वारा पुलिस थाना देहात में की गई। जिसके परिणाम स्वरूप आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया है। पलासडोह के ग्रामवासियों ने निवेदन किया है कि आरोपियों पर कठोर कार्यवाही कर ग्रामवासियों को इनके आतंक से बचाया जाए और सुरक्षा दिलाई जावे। अवगत हो कि नाली निर्माण को लेकर दो पक्षों में पिछले दिन विवाद हुआ था, जिसमे ग्राम पलासडोह की महिला सरपंच और उसके पति पर भी हमला हो चुका है, जो एक अलग मामला है,जिसमें पुलिस ने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज किया है।


