जेपीवी डीएवी विद्यालय में विगत एक सप्ताह से चल रहे संस्कृत एवं वेद प्रचार सप्ताह का आज समापन बड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि जिला शिक्षक प्रशिक्षण प्रमुख श्री गणेश प्रसाद चौरिहा एवं कार्यक्रम अध्यक्ष श्री समीर दास रहे। विद्यालय के मुख्य द्वार पर अतिथियों का स्वागत छात्र-छात्राओं संग श्री ओम शुक्ला ने वेद मंत्रोच्चार के साथ किया।
अतिथि परिचय पश्चात दीप प्रज्जूद किया गया प्रस्तावना भूषण संस्कृत के वरिष्ठ शिक्षक श्री रामभान पांडे ने दिया कक्षा छठी के छात्रों ने संस्कृत संभाषण के द्वारा कार्यक्रम प्रारंभ किया स्वागत गीत प्रणत भावही व्यवहारं स्वागतम शुभ वंदनम पर सुंदर नृत्य की प्रस्तुति छात्राओं ने दी गीत भारती में भारतम एवं श्लोक अंताक्षरी की प्रस्तुति दर्शकों की खूब तालियां बटोरी इसी दौरान संस्कृत गीतों पर नृत्य एवं गृह संभाषण भी प्रस्तुत किए गए वेद प्रश्नोत्तरी कक्षा छठी के बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई जिसमें सभी छात्र-छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया समस्या महर्षि नमक नाटिका में महर्षि दयानंद की क्षमाशील व्यक्तित्व का परिचय दिया गया ।
श्री समीर दास ने अपने उद्बोधन में कहा कि विश्व की लगभग 6900 भाषाओं की जननी संस्कृत ही है उन्होंने बच्चों को संस्कृत संभाषण करने हेतु प्रेरित किया।
श्री समीर दास ने सप्ताह अंतर्गत चल रही संस्कृत एवं वेद प्रचार गतिविधियों में प्राचार्य श्री एस के सिन्हा जी के सतत मार्गदर्शन की चर्चा की जिसके कारण यह कार्यक्रम सफलतम रूप से संचालित हुआ। मुख्य अतिथि ने अपने भाषण में संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला वह सप्ताह अंतर्गत हुई गतिविधियों की भूरी भूरी प्रशंसा की साथियों उन्होंने बताया कि संस्कृत भाषा ही विश्व की एकमात्र भाषा है जिसमें शब्दों का क्रम बदल देने पर भी अर्थ नहीं बदलता धन्यवाद ज्ञापन श्री ओम शंकर शुक्ला ने किया।
मंच संचालन श्री अमरदीप शर्मा के मार्गदर्शन में कक्षा दसवीं की छात्रा आर्या कटारे याशिका अग्रवाल कक्षा नवी से अन्वी कुर्मी और अनुष्का जायसवाल ने किया।
विद्यालय प्राचार्य श्री एस के सिन्हा जी ने संस्कृत सप्ताह के सफल आयोजन हेतु विद्यालय परिवार को एवं छात्र-छात्राओं को बधाइयां प्रेषित की।


