कटनी – कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अवि प्रसाद ने शनिवार को विजयराघवगढ़ अनुविभाग राजस्व एवं तहसील कायालय का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कार्यालय की विभिन्न शाखाओं मंे पहंुचकर दायित्वों के निर्वहन का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी राजस्व महेश मंडलोई, तहसीलदार नेहा जैन सहित नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारियों की मौजूदगी रही।
अभिलेखों के सत्यापन और परीक्षण के बाद करें नाम काटनें की कार्यवाही
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा निर्वाचक नामावली के प्रपत्र 6,7 एवं 8 में अब तक हुए प्रगति के कार्याे का निरीक्षण किया। उन्होने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदार को निर्देशित किया कि फार्म नंबर 6 में सही जानकारी का परीक्षण कर ही नाम जोडा जाये। इसी प्रकार फार्म नंबर 7 में अभिलेखों का सत्यापन और परीक्षण के उपरांत ही नाम काटने की कार्यवाही करें। इस दौरान कलेक्टर श्री प्रसाद ने विधानसभा निर्वाचन 2023 हेतु आयोजित किए जा रहे प्रशिक्षण में अधिकारियों को अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण प्राप्त करने की हिदायत भी दी।
न्यायालय प्रकरणों का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश
न्यायालय निरीक्षण के दौरान निर्णित प्रकरणों को खताया नहीं किये जाने पर पीठासीन अधिकारी को विगत वर्षाे के निर्णित प्रकरणों को लाल स्याही से घेरा लगाकर खताया कराने तथा दायरा पंजी में आदेश का सरांसिक विवरण दर्ज करनें के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा न्यायालय के प्रकरणों की कार्यवाही के निरीक्षण के दौरान अ-67 के 33 प्रकरण न्यायाल में लंबित होने तथा अधिग्रहित भूमि के मुआवजा संबंधी विवादित प्रकरण पर अवार्ड हेतु प्रकरण प्रेषित नही किया जाना, अ-6 के विगत वर्ष से चालू वर्ष तक कुल 74 प्रकरण में से 2 प्रकरण समय सीमा के बाहर पाये जानें पर आवश्यक कर्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा नाम जाति नक्शा त्रुटि से संबंधित मद मंे पंजीकृत प्रकरणों में पटवारी राजस्व निरीक्षक तथा अन्य प्राप्त प्रतिवेदनों का सारंशिक उल्लेख करते हुए स्पष्ट अभिमत देने के भी निर्देश दिए।
अतिक्रमण, पंचायत, बटवारा, नामांतरण, सीमांकन सहित अन्य प्रकरणों की भी करी समीक्षा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अवि प्रसाद द्वारा अतिक्रमण संबंधी 05 प्रकरण सिविल न्यायायालय में लंबित प्रकरणों पर सिविल न्यायाल से आदेश पारित होने पर तत्काल कार्यवाही करने, पंचायत संबंधी 7 लंबित प्रकरणों का शीध्र निराकरण कराने, जाति प्रमाण पत्र एवं बी.पी.एल के पंजीबद्ध 173 प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार के बटवारा, नामांतरण सीमांकन तथा नक्शा बटांक के प्रकरणों की सुनवाई हेतु कुल 115 प्रकरणों में 50 विगत वर्ष के पाये गए। तीन से छः माह के प्रकरणों का अवलोकन कर न्यायाल की कार्यवाही कर आदेश पारित करने हेतु निर्देशित किया गया। विगत वर्ष एवं चालू वर्ष के कुल 205 डायवर्सन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित राजस्व निरीक्षक द्वारा प्रकरणों को आर.सी.एम.एस पोर्टल पर दर्ज करने के पश्चात ऑनलाईन निकाला जाकर स्वयं के पास रख लिया जाता है। जिस पर नाराजगी व्यक्त की जाकर पीठासीन अधिकारी को प्रकरणों की यथास्थिति की जानकारी के साथ उपस्थ्ति होने हेतु निर्देशित किया गया।
फौजदारी धारा 110 के र्प्रकरणों के संबंध में अनुविभागीय दण्डाधिकारी को मुल्जिमों के प्रकरण समाप्त हो जाने पर उनका संबधित थाने से थाना प्रभारी से अभिमत उपरांत प्रकरण समाप्त करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर श्री प्रसाद द्वारा न्यायालय तहसीलदार विजयरघवगढ़ के निरीक्षण के दौरान दायरा पंजी में पूर्व वर्ष के लंबित प्रकरणों की जानकारी अद्यतन करने, परिवारिक बटवारा के प्रकरणों में विभाजन शुल्क जमा होने के पश्चात पटवारी रिकार्ड दुरूस्त करनें के निर्देश दिए।
राजस्व वसूली में लाये प्रगति
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री प्रसाद ने वित्तीय वर्ष 2023-24 में शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य 125 लाख रूपये के विपरीत मांग अनुरूप 14.08 प्रतिशत वसूली होने पर शेष बकाया वसूली राशि तत्काल कराये जाने हेतु तहसीलदार को निर्देश दिए गए। तहसील कार्यालय में डब्ल्यू बी एन शाखा पृथक से संधारित कर बी1 के आधार पर बी.2 तथा बी3 भू-राजस्व संहिता नियमावली अनुसार कार्यवाही करने के निदेश दिए। अर्थदण्ड पंजी का निरीक्षण कर वर्ष 2021-22 तथ 2022-23 की शेष वसूली राशि हेतु संबंधित हल्के के पटवारी को ग्रामवार वसूली का लक्ष्य निर्धारित करते हुए वसूली कार्य करानें हेतु तहसीलदार को निर्देशित किया गया।


