रिपोर्टर शुभम सहारे
पातालकोट केवल पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि अपने औषधीय गुणों, प्राकृतिक संरचना और जनजाति को अपने आप में समेटकर रखने वाली हमारी अनमोल धरोहर है, इसका संरक्षण हमारा कर्तव्य है। देश-विदेश में पातालकोट के नाम की धूम है। सैलानियों को मंत्रमुग्ध करने वाले नजारे पातालकोट में देखने को मिलते हैं, जो आजीवन याद रह जाते हैं। यह विचार कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले और जिला पंचायत सीईओ श्री पार्थ जैसवाल के मार्गदर्शन में विश्व धरोहर दिवस पर जिला पुरातत्व, पर्यटन व संस्कृति परिषद छिंदवाड़ा एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के तत्वावधान में पातालकोट भ्रमण के बाद आज तामिया में संपन्न हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किये ।
जिला पुरातत्व, पर्यटन व संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी श्री बलराम राजपूत ने बताया कि पातालकोट की विविध जानकारियों के लिए छात्राओं को पातालकोट का भ्रमण करवाया गया। इसके बाद तामिया में संगोष्ठी हुई जिसमें पातालकोट टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर के श्री पवन श्रीवास्तव, पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोच सुश्री मनीषा परिहार व प्रोफेसर विजय सिरसाम ने छात्राओं को विश्व धरोहर दिवस के बारे में जानकारी दी। वक्ताओं ने देवगढ़ किले के साथ जिले के प्रमुख स्थलों के बारे में छात्राओं के साथ विचार साझा किए। संगोष्ठी में इस बात पर मंथन किया गया कि पातालकोट आने वाले पर्यटकों में जागरूकता लाई जाए ताकि यहां पर प्लास्टिक और पॉलीथिन का कम से कम उपयोग हो और यहां का पर्यावरण व औषधीय पौधों को नुकसान नहीं हो। संगोष्ठी में इंडियन ग्रामीण सर्विसेस के माध्यम से स्टोरी टेलर की ट्रेनिंग ले रही युवतियां और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए।
