रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद के जवाबदारो द्वारा अवैध निर्माण की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। मात्र खानापूर्ति बतौर अधिकांशतः सड़क किनारे ठेले लगाकर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित मानकर अमले के साथ हटाया जाता है परंतु मुख्य मार्ग के प्रभावशाली रसूखदारो के सौ प्रतिशत पर निर्मित भवन सहित शासकीय भूमि को भी कब्जा करने की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। मात्र जांच के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। यह भी एक सवाल है कि जांच में क्या तकनीकी अधिकारियों को रखा जाता है?
अथवा राजस्व कर्मचारियों को जांच के लिए भेज कर खानापूर्ति कर दी जाती है? यह एक बड़ा सवाल है। शहर के बीच बाजार वार्ड क्रमांक 6 के रहवासियों ने नवंबर माह में हरीश अरोड़ा के बन रहे भवन को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी कि निर्माण के दौरान वार्ड की गली रोक दी गई है, नाली पर निर्माण कर लिया गया है,मेन रोड पर शासन की मुख्य सड़क पर भी कब्जा किया गया है जिसमें आरोप लगाया गया था कि नगरपालिका अधिकारी भी मिले हुए हैं। वार्ड वासियों ने उक्त निर्माण कार्य की जांच सहित शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर किए निर्माण पर रोक लगाने की मांग की गई थी। परंतु आज तक कोई भी कार्यवाही सामने नहीं आई,कि जवाबदारो ने क्या कार्यवाही की? और क्या जांच की? जनहित के इस विषय को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एवं पत्रकार सीमा कैथवास द्वारा भी नपा सीएमओ से निर्माणाधीन बिल्डिंग में अब तक निर्माण कार्य सहित सड़क तक किए गए निर्माण की जांच के लिए शिकायत की थी परंतु शिकायत के करीब 4 माह पश्चात भी नगर पालिका द्वारा शिकायत के संबंध में की गई कार्यवाही से नहीं अवगत कराया गया और पक्का निरामादकार्य पूर्ण करने में मिलीभगत की गई और बीच बाजार दुकान को शिकायत के बाद भी निर्माण होने दिया गया।और शिकायत को अनदेखा किया गया। जिसके उपरांत कलेक्टर की जनसुनवाई मामले की शिकायत पर जांच की मांग की है। महिला पत्रकार ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गो पर निरंतर व्यवसायिक प्रतिष्ठान बन रहे हैं जिसमें पार्किंग जैसी सुविधा नहीं होने से सड़क पर लोग अपने वाहन रखते हैं जिससे यातायात भी बाधित होता है और भविष्य में यह एक गंभीर समस्या खड़ी होगी। पत्रकार ने जनहित में उक्त निर्माण की जांच सहित वैधानिक कार्यवाही की मांग की है।
