रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण जिला एवं सत्र न्यायालय की विभिन्न अदालतों के करीब 460 प्रकरणों में शुक्रवार को सुनवाई नहीं हो सकी। सुनवाई न होने से पक्षकार परेशान है तो वहीं न्यायालीन कार्य प्रभावित हुआ। नर्मदापुरम अधिवक्ता संघ सचिव मनोज जराठे ने बताया कि अब निर्णय नहीं न्याय चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का अधीनस्थ न्यायालयों को 25 सिविल व आपराधिक प्रकरणों का 3 माह में निराकृत करने का आदेश पक्षकारों के पक्ष में नहीं है। इस आदेश से सही न्याय मिल पाना संभव नहीं होगा वहीं अधिवक्ता भी एक समय में सभी कोर्ट में उपस्थित नहीं हो सकेंगे। उन्होंने मांग की है कि उच्च न्यायालय अधिवक्ताओं और पक्षकारों के हित में निर्णय वापस ले।हाइकोर्ट के निर्णय से नाखुश अधिवक्ता संघ अब आमने सामने की लडा़ई लड़ने पर आ गया है। सूत्रों का कहना कि राज्य अधिवक्ता परिषद पदाधिकारी इस विषय को लेकर दिल्ली जा रहे है। जहां सीजेआई को अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों के सामने आ रही समस्याओं से अवगत कराएंगे।
मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद जबलपुर ने न्यायालीन कार्य से विरत रहने के आव्हन को तोड़कर न्यायालय में उपस्थित होने वाले अधिवक्ताओं पर नियमानुसार कार्यवाही करने की बात भी कहीं है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से एकता दिखाने को कहा है।
