कटनी। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए गठित टीबी फोरम की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर अवि प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें टीबी रोग की टेस्टिंग को प्रोत्साहित करने पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर श्री प्रसाद ने कहा कि टीबी मुक्त कटनी बनाने के लिए टीबी मरीजों की टेस्टिंग बढ़ानी होगी, और इसके लिए नवाचार करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि ऐसी योजना बनाई जाए जिसमें टीबी मरीज की टेस्टिंग करने में सहयोग करने वाले व्यक्ति को 500 रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएं। बैठक में भोपाल से आए डबल्यू एच ओ के कंसल्टेंट योगेश शर्मा, जिला क्षय अधिकारी डॉ शैलेंद्र दीवान, जिले के सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर और टीबी क्लिनिक से जुड़े तकनीकी स्टाफ की मौजूदगी रही।
स्टॉफ को प्रशिक्षित और प्रोत्साहित करें
बैठक दौरान क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा दौरान कलेक्टर श्री प्रसाद ने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़ी बारीकियों को गंभीरता से सुना। जिसके बाद उन्होंने इस अभियान से जुड़े लोगों और स्टाफ को प्रोत्साहित करने और एएनएम और एमपीडब्ल्यू को प्रशिक्षित करने की बात कही। साथ ही रणनीति बनाकर इस दिशा में प्रभावी कार्य करने निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि समय समय पर टीबी टेस्टिंग से जुड़े संसाधनों की रिपोर्ट मंगाई जाए और उनके बेहतर उपयोग की दिशा में कार्य किया जाए।
हॉट स्पॉट चिन्हित कर कराएं बल्क टेस्टिंग
उन्होंने सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने अपने विकासखंड में टीबी की प्रबल आशंका वाले क्षेत्र हॉट स्पॉट के रूप में चिन्हित करें और यहां पर मोबिलिटी यूनिट भेजकर बल्क टेस्टिंग कराएं। जिससे टीबी के मरीजों को चिन्हित कर उनका समय पर उपचार शुरू कराया जा सके। इसके लिए पर्याप्त संसाधन की व्यवस्था करने जिला क्षय अधिकारी डॉ शैलेंद्र दीवान को उन्होंने निर्देशित किया।
5 वर्ष के कम बच्चों की टीपीटी बढ़ाएं
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन के कंसल्टेंट योगेश शर्मा ने बताया की कटनी जिले में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी के आंकड़े काफी कम है, जिसे बढ़ाने की दिशा में प्रयास करने होंगे। जिसके लिए कलेक्टर श्री प्रसाद ने जिला क्षय अधिकारी को निर्देश दिए साथ ही क्षय उन्मूलन कार्यक्रम का व्यापक प्रचार प्रसार करने भी निर्देशित किया गया।
