तहसील मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी के पैथोलॉजी कक्ष के ठीक सामने गोबर और कचरे का ढेर लगा हुआ है। जबकि रोजाना दर्जनों मरीज खून, पेशाब व अन्य जांच कराने आते हैं। पर लैब के गेट पर ही कीचड़ और गोबर पड़ा हुआ है। तेज दुर्गंध व मक्खी-मच्छर के कारण मरीजों को अंदर जाना मुश्किल है। दिव्यांगों के लिए बना रैंप भी गंदगी से भरा है। इससे मरीजों व स्टाफ में संक्रमण बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। जो बायोमेडिकल वेस्ट रूल 2016 और NQAS मानकों का सीधा उल्लंघन है।
लोगों का मानना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही लैब जैसी संवेदनशील जगहों पर साफ सफाई अति आवश्यक होती है ताकि बरसात मैं जमे कचरे से पनप रहे मच्छर मक्खी होने वाली संक्रमित बीमारीयो के खतरे से लोगों को बचाया जा सके l
जांच कराने आए यहां मरीजों कहना है कि यहां गोबर और कचरे की तेज दुर्गंध के कारण लैब के अंदर खड़े होना मुश्किल हो रहा है। ये स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही है। जो साफ सफाई का कोई ध्यान नहीं रखा जाता l जबकि गाइडलाइन के अनुसार किसी भी चिकित्सा संस्थान के 10-50 मीटर दायरे में गंदगी होना प्रतिबंधित है। लैब का आसपास का वातावरण संक्रमण मुक्त होना चाहिए l
ग्रामीणों ने बीएमओ से मांग की है कि तत्काल सफाई कराई जाए, डस्टबिन लगाए जाएं और गंदगी फैलाने वालों पर जुर्माना लगाया जाए।
हरिशंकर बेन


