कटनी (06 नवंबर) – दीपावली पर पारंपरिक मिट्टी के दीये बनाकर बाजारों में बेचने वाले कुम्हारों एवं ग्रामीण कारीगरों को राहत देते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने स्थानीय निकायों को उनसे किसी भी प्रकार की कर वसूली नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मिट्टी के दीये बेचने वाले ग्रामीण कारीगरों को कर वसूली से राहत दिलाने के लिए यथासंभव प्रयास सुनिश्चित करने को कहा है।
कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि बाजारों में दीये बेचने आने वाले ग्रामीण कारीगरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वे बिना किसी बाधा के अपने उत्पादों का विक्रय कर सकें। साथ ही आमजन को भी पारंपरिक मिट्टी के दीयों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है, ताकि वोकल फॉर लोकल की भावना को बढ़ावा मिल सके और स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को बाजार में प्रोत्साहन मिले।
कलेक्टर श्री तिवारी ने कहा कि मिट्टी के दीये हमारी सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक लोककला के प्रतीक हैं। इनके निर्माण और विक्रय से कुम्हारों एवं ग्रामीण कारीगरों की आजीविका जुड़ी हुई है। स्थानीय उत्पादों को अपनाने और प्रोत्साहित करने से न केवल पारंपरिक कला एवं संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कलेक्टर श्री तिवारी ने आयुक्त नगर निगम, सभी एसडीएम, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा बरही, विजयराघवगढ़ एवं कैमोर के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

