जे.पी.वी. डी.ए.वी. विद्यालय, कटनी के कक्षा सातवीं एवं आठवीं के 40 विद्यार्थियों का तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पचमढ़ी (सतपुड़ा की रानी) के लिए सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह शैक्षणिक भ्रमण मध्यप्रदेश जोन के क्षेत्रीय निदेशक एवं विद्यालय के प्राचार्य श्री एस.के. सिन्हा जी के कुशल निर्देशन में आयोजित हुआ ।
02 नवम्बर से 04 नवम्बर 2026 तक आयोजित इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक, भौगोलिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव कराकर उनके व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि करना था।
भ्रमण दल 02 नवम्बर को सुबह कटनी–भुसावल एक्सप्रेस द्वारा पिपरिया पहुँचा, जहाँ से बस के माध्यम से सभी पचमढ़ी स्थित विश्राम स्थल पहुँचे।
प्रथम दिवस 02 नवम्बर: विद्यार्थियों ने ऐतिहासिक पांडव गुफा, पचमढ़ी संग्रहालय, मनोरम बी फॉल , इको पॉइंट, रीछगढ़ तथा सतपुड़ा की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ का भ्रमण किया और सूर्यास्त के अद्भुत दृश्य का आनंद लिया।
द्वितीय दिवस 03 नवम्बर: दूसरे दिन विद्यार्थियों को हैंडी खोह, प्रियदर्शिनी पॉइंट, महादेव, गुप्त महादेव, जटाशंकर, ग्रीन वैली, राजेंद्र गिरि एवं प्रसिद्ध पचमढ़ी झील का अवलोकन कराया गया।
तृतीय दिवस 04 नवम्बर: अंतिम दिन विद्यार्थियों के लिए चौरागढ़ की यात्रा एवं विशेष ट्रैकिंग का आयोजन किया गया, जहाँ बच्चों ने प्राकृतिक दृश्यों को निहारते हुए साहसिक गतिविधियों का अनुभव प्राप्त किया।
इस शैक्षणिक भ्रमण को सुगम, सुरक्षित एवं अनुशासित बनाने में प्रभारी श्री रवीन्द्र त्रिपाठी का मार्गदर्शन एवं श्रीमती पूर्णिमा उसरेटे , श्रीमती मेघा बागची ,श्री अजीत मिश्रा एवं श्री आशुतोष मिश्रा के सहयोग की सराहनीय एवं सक्रिय भूमिका रही।
अपराह्न में पचमढ़ी से प्रस्थान कर पूरा दल पिपरिया से विंध्याचल एक्सप्रेस द्वारा कटनी मुड़वारा सकुशल वापस लौटा।
विद्यालय प्राचार्य श्री एस.के. सिन्हा जी ने सफल भ्रमण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि “किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्राकृतिक एवं व्यावहारिक अनुभव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की यात्राओं से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, सहकारिता तथा ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति जागरूकता की भावना प्रबल होती है।”
इस यात्रा से लौटे सभी विद्यार्थियों के चेहरे पर अद्भुत उत्साह देखा गया और उन्होंने इस शैक्षणिक भ्रमण को अत्यंत ज्ञानवर्धक, आनंददायक एवं अविस्मरणीय बताया।


