कटनी। दीपावली का त्योहार है, चारों तरफ आतिशबाजी और पटाखों की गूंज सुनाई दे रही है, लेकिन शहर की सड़कों पर कुछ दोपहिया वाहनों के मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली कानफोड़ू आवाजें भी लोगों को परेशान कर रही हैं। कई बार इन वाहनों से ऐसी तेज धमाकेदार आवाज निकलती है कि समझ ही नहीं आता कि पटाखा फूटा है या कोई मॉडिफाइड साइलेंसर वाली गाड़ी सड़क से गुजर गई!
आखिर दीपावली के नाम पर क्या मॉडिफाइड साइलेंसर लगी गाड़ियों को खुली छूट मिल गई है? क्या यातायात पुलिस को सड़कों पर दौड़ती ऐसी गाड़ियां दिखाई नहीं देतीं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब तेज आवाज और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई के लिए यातायात पुलिस मौजूद है, तो फिर ऐसे वाहन बेखौफ सड़कों पर कैसे दौड़ रहे हैं?
मॉडिफाइड साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज बुजुर्गों, बच्चों और आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। त्योहार की खुशियों के बीच इस तरह का ध्वनि प्रदूषण लोगों की शांति में खलल डाल रहा है।
अब सवाल यातायात पुलिस से है—क्या इन मॉडिफाइड साइलेंसर वाली गाड़ियों पर कार्रवाई होगी या फिर दीपावली के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी?
शहरवासियों की मांग है कि यातायात पुलिस विशेष अभियान चलाकर नियम विरुद्ध मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने वाले वाहन चालकों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि त्योहार की खुशियां कानफोड़ू आवाजों के शोर में न बदलें।
MP NEWS CAST की सीधी पड़ताल का सवाल: पटाखों पर नियंत्रण की बात होती है, तो सड़कों पर धमाके करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर पर कार्रवाई कब होगी?

