कटनी। सरकार एक ओर किसानों के हित में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना संचालित कर रही है, वहीं दूसरी ओर रीठी क्षेत्र के एक किसान को लंबे समय से इन योजनाओं का लाभ नहीं मिलने का मामला सामने आया है। किसान ने संबंधित विभाग और CM हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए शिकायतों के फर्जी निराकरण तथा शिकायतकर्ता की सहमति के बिना शिकायत बंद किए जाने का आरोप लगाया है।
किसान के अनुसार, उसे अंतिम बार 3 अगस्त 2025 को किसान सम्मान निधि की किस्त प्राप्त हुई थी। इसके बाद से 3 नवंबर 2026 तक उसके खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है।
समस्या के समाधान के लिए किसान ने CM हेल्पलाइन पर शिकायत क्रमांक 31133787 दर्ज कराई थी। किसान का आरोप है कि शिकायत का संतोषजनक निराकरण किए बिना ही उसे शिकायत बंद किए जाने का मैसेज भेज दिया गया।
इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं होने पर किसान ने दोबारा शिकायत क्रमांक 36904779 दर्ज कराई, लेकिन किसान का कहना है कि दूसरी शिकायत पर भी अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता की सहमति के बिना शिकायत बंद कैसे हुई?
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल CM हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया को लेकर उठ रहा है। यदि किसान की समस्या का वास्तविक समाधान नहीं हुआ, तो शिकायत बंद करने का आधार क्या था? क्या शिकायतकर्ता की सहमति ली गई थी? क्या मौके पर या दस्तावेजों के आधार पर जांच की गई? और यदि शिकायत का निराकरण हो चुका था, तो किसान को योजनाओं का लाभ अब तक क्यों नहीं मिला?
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पीड़ित किसान ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोनों शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। शिकायतों में दर्ज विभागीय जवाब, निराकरण की रिपोर्ट और शिकायत बंद किए जाने की प्रक्रिया की जांच हो। साथ ही पात्रता की जांच कर लंबित सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा गलत जानकारी देकर शिकायत का निराकरण दर्शाया गया है, तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।
अब सवाल यह है कि CM हेल्पलाइन पर किसान की समस्या का वास्तविक समाधान होगा या कागजों में ही शिकायतों का निराकरण कर दिया जाएगा? रीठी क्षेत्र के इस मामले में जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर सबकी नजर है।



