कटनी जिले के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र से एक बेहद शातिर, हैरान करने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपने ही भाई के शैक्षणिक दस्तावेजों और नाम का सहारा लेकर सेना में नौकरी की, सेवानिवृत्त हुआ और मौत के बाद परिजनों ने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर 6 साल तक सरकारी पेंशन का बड़ा घोटाला कर डाला। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में मुख्य आरोपियों और बैंक खातों के दुरूपयोगकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
*1. फर्जी दस्तावेजों के सहारे सेना की नौकरी*
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मूल व्यक्ति जमुना प्रसाद हल्दकार था, लेकिन उसने अपने भाई बद्री प्रसाद हल्दकार की अंक सूचियों और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों का उपयोग करके सेना में नौकरी हासिल की। जमुना प्रसाद ने बद्री प्रसाद बनकर पूरी नौकरी की और सफलतापूर्वक रिटायर भी हो गए। वर्ष 2018 में जमुना प्रसाद हल्दकार की मृत्यु हो गई।
*2. फर्जी डेथ सर्टिफिकेट से शुरू हुई पेंशन (2018–2024)*
नियमों के अनुसार असली व्यक्ति की मौत के बाद सेना के रिकॉर्ड से बद्री प्रसाद हल्दकार की पत्नी को पेंशन मिलने की पात्रता बनती, लेकिन शातिरों ने इसमें भी बड़ा खेल कर दिया। जमुना प्रसाद की मौत के बाद, कटनी जिला अस्पताल से बद्री प्रसाद हल्दकार के नाम का एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार करवाया गया।
इसी फर्जी दस्तावेज को आधार बनाकर वर्ष 2019 में भूरी बाई हल्दकार (पत्नी स्व. बद्री प्रसाद हल्दकार, उम्र 65 वर्ष, निवासी- ग्राम छोटी कारीपाथर, हाल निवासी भटिया, स्लीमनाबाद) की पेंशन प्रक्रिया शुरू करवा दी गई। इसके बाद वर्ष 2018 से लेकर 2024 तक लगातार इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खजाने से पेंशन राशि का अवैध आहरण किया जाता रहा।
*3. बैंक खाते का दुरुपयोग और डिजिटल हेराफेरी*
भूरी बाई का पेंशन खाता भारतीय स्टेट बैंक की स्लीमनाबाद शाखा में था। इस बैंक खाते में भूरी बाई की बहन सोहागवती हल्दकार की बेटी मनीषा हल्दकार का मोबाइल नंबर लिंक कराया गया था। इस लिंक्ड मोबाइल नंबर और बैंक खाते का इस्तेमाल मनीषा का पति सनिल हल्दकार करता था, जो लगातार अवैध ट्रांजैक्शन को अंजाम देकर पैसों का प्रबंधन कर रहा था।
*4. पुलिस शिकंजे में नामजद और अज्ञात आरोपी*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सउनि जुबेर अली की रिपोर्ट और पुख्ता दस्तावेजों के आधार पर निम्नलिखित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है:
* भूरी बाई हल्दकार
* मनीषा हल्दकार
* सनिल हल्दकार
* प्रीति कुशवाहा
* कुलदीप कुमार
* दीपक कुशवाहा
* जिला अस्पताल कटनी के अज्ञात कर्मचारी
* भूरी बाई हल्दकार के अन्य अज्ञात सहयोगी
*जांच का दायरा*: पुलिस यह भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस पूरे नेक्सस में एसबीआई बैंक के भीतर के किसी कर्मचारी या स्वास्थ्य विभाग (जिला अस्पताल) स्तर पर किन-किन लोगों की प्रत्यक्ष संलिप्तता रही है, क्योंकि फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने और बैंक स्तर पर सत्यापन में इनकी भूमिका संदिग्ध है।

