छिन्दवाड़ा इमलीखेड़ा गोटूल छिंदवाड़ा में वनाधिकार मान्यता कानून 2006 एवं पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (पेसा), 1996 तथा मध्यप्रदेश पेसा नियम, 2022 के अंतर्गत जल, जंगल, जमीन और ग्रामसभा के अधिकारों पर आज एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य वनाधिकार कानून एवं पेसा अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी प्रदान करना, ग्रामसभा की शक्तियों एवं अधिकारों को समझना तथा आदिवासी समुदायों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक मंडला से श्री कमल किशोर आर्मो, छत्तीसगढ़ से श्री संदीप सलाम एवं जिला छिंदवाड़ा के पेसा जिला समन्वयक श्री कमलेश टेकाम ने प्रशिक्षण प्रदान किया। इस दौरान वनाधिकार मान्यता कानून, 2006 एवं पेसा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण में वनाधिकार दावों की प्रक्रिया, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार, सामुदायिक वन संसाधनों पर अधिकार, वन प्रबंधन में ग्रामसभा की भूमिका, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण तथा पेसा कानून के अंतर्गत ग्रामसभा की शक्तियों एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला में वनाधिकार मान्यता कानून, 2006 के प्रमुख प्रावधान एवं क्रियान्वयन, व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार दावों की प्रक्रिया, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार, ग्रामसभा की भूमिका, पेसा अधिनियम, 1996 एवं मध्यप्रदेश पेसा नियम, 2022 की विस्तृत जानकारी तथा ग्रामसभा के अधिकार, शक्तियों एवं निर्णय लेने की प्रक्रिया प्रमुख विषय रहे।
पेसा जिला समन्वयक श्री टेकाम ने बताया कि किसी भी अधिकार को प्राप्त करने के लिए ग्रामसभा में पूर्ण कोरम के साथ प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामसभा को सशक्त बनाने, कानूनी प्रावधानों की व्यावहारिक समझ विकसित करने तथा वनाधिकार एवं पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन में समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। कार्यशाला में आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा, ग्रामसभा के निर्णयों को प्रभावी बनाने तथा सामूहिक पहल को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला का आयोजन गोटूल ट्राइबल वेलफेयर सोसाइटी के तत्वावधान में किया गया। आयोजन में श्री शुभम उइके एवं उनकी समस्त टीम की मुख्य भूमिका रही।


