कटनी | ढीमरखेड़ा | रिपोर्टर: सतेंद्र बर्मन
मध्य प्रदेश के कटनी जिले के ढीमरखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिलोड़ी चौकी के पास स्थित दतला नदी में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नदी से दिन-रात लगातार रेत निकाली जा रही है, जिससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
🔴 शिकायतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?
स्थानीय सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अवैध रेत उत्खनन को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। इसके बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि शिकायतें अधिकारियों तक पहुंची हैं, तो जांच और कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है?
⚠️ रेत माफिया के हौसले बुलंद होने का आरोप
क्षेत्र में कथित अवैध रेत निकासी को लेकर शासन-प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि कार्रवाई नहीं होने से रेत उत्खनन में लगे लोगों के हौसले बढ़ रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारियों पर मिलीभगत या आर्थिक लाभ लेने जैसे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
📢 प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
दतला नदी में कथित अवैध रेत उत्खनन की निष्पक्ष जांच कराए जाने, शिकायतों के रिकॉर्ड की समीक्षा करने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि संबंधित क्षेत्र में रेत उत्खनन की अनुमति है या नहीं और यदि अवैध उत्खनन हो रहा है, तो उसे रोकने के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं।
अब देखना यह होगा कि कटनी जिला प्रशासन और खनिज विभाग इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और दतला नदी को कथित अवैध रेत उत्खनन से बचाने के लिए कब कार्रवाई होती है।
रिपोर्टर: सतेंद्र बर्मन MP NEWS CAST


