भोपाल। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से जुड़ी महिला हितग्राहियों के लिए अक्टूबर माह में राहत भरी खबर सामने आ सकती है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता की अगली किस्त जल्द जारी होने की संभावना है। अनुमान है कि इस बार भी पात्र बहनों के बैंक खातों में 1500 रुपये की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजी जा सकती है।
नवरात्रि के बीच जारी हो सकती है राशि
लाड़ली बहना योजना की पिछली किस्त सितंबर माह में जारी की गई थी। अब अक्टूबर की किस्त को लेकर लाभार्थी महिलाओं में इंतजार बना हुआ है। संभावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नवरात्रि के दौरान किसी दिन सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि का अंतरण कर सकते हैं।
हालांकि, किस्त जारी करने की अंतिम तारीख और आधिकारिक कार्यक्रम सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए लाभार्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
1500 रुपये की मिल रही सहायता
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती थी। बाद में यह राशि बढ़ाकर 1250 रुपये की गई और नवंबर 2025 से सहायता राशि 1500 रुपये प्रतिमाह किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
सरकार की ओर से भविष्य में इस सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने का लक्ष्य भी बताया गया है।
किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?
किस्त का लाभ उन्हीं महिलाओं को मिलेगा जो योजना की निर्धारित पात्रता पूरी करती हैं और जिनका नाम लाभार्थी सूची में दर्ज है। इसके साथ ही बैंक खाते से आधार लिंक होना तथा डीबीटी सक्रिय होना भी महत्वपूर्ण है।
यदि बैंक खाते, आधार या डीबीटी से संबंधित कोई समस्या है तो राशि ट्रांसफर होने में परेशानी आ सकती है। इसलिए लाभार्थी महिलाएं पहले से अपनी बैंकिंग जानकारी की जांच कर लें।
ऐसे करें अपनी किस्त और पात्रता की जांच
लाड़ली बहना योजना की जानकारी के लिए महिला लाभार्थी योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपनी स्थिति देख सकती हैं। आवेदन की स्थिति, पात्रता और भुगतान संबंधी जानकारी उपलब्ध होने पर वहीं से जांच की जा सकती है।
इसके अलावा नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर भी बैंक खाते में आधार लिंकिंग और डीबीटी की स्थिति की जानकारी ली जा सकती है।
महत्वपूर्ण: अक्टूबर की किस्त की राशि और भुगतान की तारीख को लेकर अंतिम पुष्टि आधिकारिक सरकारी घोषणा के बाद ही मानी जाए। सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट तारीखों पर भरोसा करने से बचें।


