कटनी रेलवे स्टेशन के आउटर पर आधी रात चलती ट्रेन में चोरी की वारदात ने रेल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाले सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते 28 सितंबर की रात प्रयागराज से तमिलनाडु की ओर जा रही ट्रेन को चोरों ने निशाना बनाया और बताया जा रहा है कि एक पूरी बोगी में यात्रियों के सामान पर हाथ साफ कर दिया गया।
वारदात ने न सिर्फ यात्रियों को दहशत में डाल दिया, बल्कि ट्रेन में सुरक्षा के लिए तैनात RPF और GRP की गश्त व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब ट्रेन में सुरक्षा जवानों की ड्यूटी रहती है, तो चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम कैसे दे दिया? क्या ट्रेन की बोगियों में नियमित निगरानी हो रही थी।अगर हो रही थी तो फिर अपराधियों को वारदात का मौका कैसे मिला। कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा की मुस्तैदी से चार थानों के अलावा जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त पुलिस टीम ने आज कटनी से लगभग 8 से 10 आरोपियों को पकड़ा है।यात्रियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है, उसी ट्रेन की बोगी को चोर घंटों निशाना बनाते रहे और सुरक्षा तंत्र को भनक तक नहीं लगी?


