MP NEWS CAST मनीष गौतम 8989858230
कटनी। कटनी वनमंडल के बड़वारा परिक्षेत्र अंतर्गत पिपरिया बीट में ग्राम पिपरिया की लगभग 60-70 महिलाएं अतिक्रमण की मंशा से वन भूमि की सफाई कर रही थीं। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और कार्य रुकवाया।
मौके पर वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) श्री गर्वित गंगवार तथा बड़वारा रेंज अधिकारी श्री दशमत सिंह ने वन अमले के साथ ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) के तहत व्यक्तिगत वन अधिकार केवल उन आदिवासियों को दिए जाते हैं, जो 13 दिसंबर 2005 से पूर्व से वन भूमि पर काबिज हैं। यह अधिनियम की कट-ऑफ तिथि है। साथ ही, सामुदायिक अधिकारों के अंतर्गत वन भूमि पर बसने या खेती करने का अधिकार नहीं दिया जाता।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे ऐसे किसी भी व्यक्ति के बहकावे में न आएं, जो नई वन भूमि साफ कराकर खेती या बसाहट के लिए जमीन दिलाने का दावा करता है। ऐसे लोग भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर उन्हें कानूनी कार्रवाई में फंसा सकते हैं।
समझाइश के बाद ग्रामीणों ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में वन भूमि पर कोई अतिक्रमण या कटाई-सफाई नहीं करेंगे। वन विभाग ने वन संपदा की सुरक्षा के लिए गश्त जारी रखने की बात कही है।


