छिंदवाड़ा, 25 सितंबर 2026। ग्राम मूसादेही में आज पूज्य भंते शुभमचित्त जी के सान्निध्य में बुद्ध धम्म वंदना एवं धम्म देशना कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ बुद्ध धम्म वंदना एवं त्रिशरण पंचशील के साथ हुआ। इसके पश्चात भंते जी ने उपस्थित उपासक-उपासिकाओं को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों तथा तथागत बुद्ध के धम्म के मार्ग पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया।
धम्म देशना में बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को समझने के लिए तीन महत्वपूर्ण त्रयी-सूत्रों पर विशेष प्रकाश डाला गया—
1. शिक्षित बनो – संगठित रहो – संघर्ष करो
2. स्वतंत्रता – समानता – बंधुत्व
3. बुद्ध – धम्म – संघ
भंते जी ने बताया कि शिक्षा से चेतना, संगठन से शक्ति और संघर्ष से सामाजिक परिवर्तन की दिशा मिलती है। इसी प्रकार स्वतंत्रता से स्वाभिमान, समानता से न्याय और बंधुत्व से सामाजिक एकता मजबूत होती है। बुद्ध, धम्म और संघ के माध्यम से प्रज्ञा, नैतिकता तथा सामूहिक कल्याण की दिशा प्राप्त होती है।
उन्होंने शिक्षा, ज्ञान, समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व एवं करुणा को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया तथा उपस्थितजनों से तथागत बुद्ध और बाबासाहेब आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के संदेश को जीवन में आत्मसात करने तथा ज्ञान और धम्म के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में डॉ. अम्बेडकर समता विकास समिति के अध्यक्ष इंजीनियर संदीप बोरकर, उपाध्यक्ष मीना ठवरे, महासचिव कमलेश चौरासे, वरिष्ठ सदस्य डॉ. सुरेश अहिरवार, प्रहलाद मालवीय, सूर्यकांता गजभिए, सुरेश ठवरे, बबलू ठवरे, सरजूलाल ठवरे, अर्जुन ठवरे सहित बड़ी संख्या में उपासक-उपासिकाएं उपस्थित रहे। *संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*
कार्यक्रम का उद्देश्य बुद्ध धम्म एवं बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों के माध्यम से समाज में शिक्षा, समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, करुणा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा।


