रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय के नजदीक भोपाल मार्ग पर नर्मदा पुलघाट डोंगरवाड़ा खदान पर एनजीटी की रोक के चलते जहां 01 अक्टूबर तक रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में नर्मदा नदी की रेत की डिमांड बारिश के समय निर्माण कार्यों की गति के चलते बढ़ जाती है। नदी से रेत उत्खनन पर एनजीटी की रोक के चलते इस वक्त एक ट्रॉली रेत की कीमत लगभग 4 से 5 हजार रुपए बाजार मूल्य चल रहा है। यही कारण है कि नर्मदा नदी में बारिश का पानी घाटों पर नीचे उतरते ही रेत माफिया ट्रैक्टर ट्रालियों के साथ
दिनदहाड़े रेत चोरी करने में बेखौफ सक्रिय हो गए हैं। भोपाल मार्ग पर खर्रा घाट जो कि नर्मदा पुलघाट डोंगरवाड़ा खदान के नाम से भी चर्चित है। प्रतिबंध के बावजूद दिन दहाड़े नर्मदा नदी से रेत का रेत चोरी कर अवैध उत्खनन परिवहन कर रही ट्रैक्टर ट्राली का मीडिया द्वारा लाइव कवरेज दिखाए जाने के बाद हड़कंप मच गया। वहीं सूत्रों की माने तो एनजीटी की रोक के बाद नर्मदा नदी में बेखौफ सक्रिय रेत माफियाओं के गंभीर विषय को संज्ञान लेते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा सहित पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा एस थोटा द्वारा कार्यवाही के निर्देश भी दिए गए। शुक्रवार दोपहर में शहरी तहसीलदार सुनील शर्मा, देहात थाना प्रभारी उषा मरावी, जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम के नेतृत्व में संयुक्त टीम द्वारा नर्मदा पुलघाट डोंगरवाड़ा खदान पर पुलिस बल के साथ छापामार कार्यवाही की गई। इसके बाद बंद रेत खदान पर बेखौफ रेत चोरी कर अवैध उत्खनन करवा रहे माफिया में हड़कंप मच गया और ट्रैक्टर चालक अपने ट्रैक्टर छोड़कर भाग खड़े हुए। वही छापामार कार्रवाई में टीम द्वारा रेत से भरी तीन ट्रैक्टर ट्रालियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। फिलहाल पुलिस प्रशासन की कार्यवाही जारी है। दूसरी तरफ बंद पड़ी डोंगरवाडा रेत खदान पर नर्मदा नदी में बेखौफ चल रहे रेत के अवैध खनन कारोबार में डोंगरवाड़ा पंचायत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं? मामले में डोंगरवाड़ा सचिव कैलाश अहिरवार ने बताया कि उनके संज्ञान में रेत चोरी की घटना नहीं है। पूर्व में उन्होंने तहसीलदार से चर्चा जरूर की थी, वह इस विषय में राजस्व विभाग से पत्र व्यवहार करेंगे। जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम ने बताया कि रेत से भरी तीन ट्रैक्टर ट्रालियां पकड़ी है, जिन्हें देहात थाने में पुलिस अभिरक्षा में खड़ा किया गया है, फिलहाल कार्यवाही की जा रही है।


