बरही/कटनी। एक ओर पुलिस और प्रशासन द्वारा “नशे से दूरी, सबको है जरूरी” अभियान के तहत गांव-गांव, स्कूल और महाविद्यालयों में पहुंचकर बच्चों एवं युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बरही थाना क्षेत्र के पिपरिया कला और सिनगौड़ी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में कथित अवैध शराब बिक्री और पैकारी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांवों की गलियों और चौराहों तक शराब पहुंचने की शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
इसी मामले को लेकर आज सिनगौड़ी क्षेत्र के पथरहटा गांव की सैकड़ों महिलाएं बरही थाना पहुंचीं। महिलाओं ने गांव में संचालित बताई जा रही कथित अवैध पैकारी को तत्काल बंद कराने की मांग को लेकर पुलिस को शिकायत दी। महिलाओं ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी भी दी है। महिलाओं के थाना पहुंचने से क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी एक बार फिर सामने आई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिपरिया कला और सिनगौड़ी क्षेत्र के कई गांवों में शराब की कथित अवैध बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही हैं। पंचायत स्तर से लेकर पुलिस और प्रशासन तक शिकायतें एवं ज्ञापन पहुंचाए जा चुके हैं। ग्रामीणों और महिलाओं द्वारा कई बार गांवों में संचालित बताई जा रही पैकारियों को बंद कराने तथा शराब की उपलब्धता पर रोक लगाने की मांग की गई है।
20 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत हथैड़ा के सरपंच के लेटरपैड पर पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने बरही थाना पहुंचकर ज्ञापन भी सौंपा था। ग्रामीणों के अनुसार ज्ञापन के माध्यम से पंचायत क्षेत्र में संचालित बताई जा रही कथित अवैध पैकारियों को बंद कराने की मांग की गई थी। पुलिस की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने की बात भी ग्रामीणों द्वारा कही गई, लेकिन इसके बाद भी कथित पैकारी की शिकायतें सामने आने से ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।
वहीं पिपरिया कला मुख्य मार्ग के बगैहा मोड़ के पास मुख्य सड़क से सटी एक कथित पैकारी कई महीनों से संचालित होने का आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यहां शराब की बिक्री के साथ आसपास के लोगों को बैठाकर शराब सेवन कराए जाने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। कुछ ग्रामीणों ने कम उम्र के लोगों और नाबालिगों द्वारा शराब सेवन किए जाने की आशंका भी जताई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों द्वारा शराब की कथित आपूर्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि गांवों में शराब पहुंचाने के लिए दोपहिया और चारपहिया वाहनों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ मामलों में बिना नंबर प्लेट वाली बाइक और काले शीशे वाले वाहनों से शराब पहुंचाने के आरोप भी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। यदि जांच में यह शिकायतें सही पाई जाती हैं तो शराब बिक्री के स्थान के साथ-साथ उसके स्रोत और परिवहन की पूरी व्यवस्था की जांच भी आवश्यक होगी।
ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन पिपरिया और सिनगौड़ी क्षेत्र के गांवों से महिलाएं एवं ग्रामीण ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके बावजूद कथित अवैध पैकारियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं का कहना है कि गांवों में शराब की आसानी से उपलब्धता का असर सीधे परिवारों पर पड़ रहा है।
दिनभर मेहनत-मजदूरी करने वाले गरीब और मजदूर परिवारों की कमाई का हिस्सा शराब में खर्च होने से परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होने की चिंता ग्रामीणों द्वारा जताई जा रही है। शराब की लत के कारण घरेलू विवाद, आर्थिक परेशानी, बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य पर पड़ने वाले असर को लेकर भी महिलाएं चिंतित हैं। युवाओं के बीच शराब की बढ़ती उपलब्धता को लेकर भी ग्रामीण क्षेत्र में चिंता बनी हुई है।
नशे के खिलाफ प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा जागरूकता अभियान समाजहित में महत्वपूर्ण है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि जागरूकता के साथ-साथ शराब की कथित अवैध उपलब्धता पर रोक लगाने के लिए धरातल पर कार्रवाई भी जरूरी है। स्कूलों और गांवों में युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के साथ उन स्थानों की निगरानी और जांच भी आवश्यक है, जहां से शराब की अवैध बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
पथरहटा गांव की सैकड़ों महिलाओं द्वारा आज बरही थाना पहुंचकर शिकायत करना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि गांव में संचालित बताई जा रही कथित अवैध पैकारी को बंद नहीं कराया गया तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगी।
ग्रामीण अब कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत वाले स्थानों का निरीक्षण कराया जाए, कथित अवैध शराब बिक्री की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
साथ ही ग्रामीणों द्वारा शराब की आपूर्ति के स्रोत की जांच की मांग भी की जा रही है, ताकि केवल बिक्री स्थल पर कार्रवाई तक मामला सीमित न रहे, बल्कि शराब गांवों तक पहुंचाने वाली पूरी कड़ी की जांच हो सके।
पिपरिया कला, सिनगौड़ी और आसपास के गांवों से लगातार सामने आ रही शिकायतों तथा 20 अगस्त को हथैड़ा पंचायत द्वारा दिए गए ज्ञापन के बाद अब पथरहटा की सैकड़ों महिलाओं का बरही थाना पहुंचना प्रशासन और आबकारी विभाग के लिए गंभीर मामला बन गया है। महिलाओं ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब देखना यह है कि शिकायतों के बाद प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से धरातल पर क्या कार्रवाई की जाती है।


