कैमोर स्थित एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट के सीएसआर कार्यों पर उठे सवाल, जांच की मांग
कटनी। जिले के कैमोर क्षेत्र में स्थित एसीसी अडानी सीमेंट प्लांट द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) मद से कराए गए विकास एवं जल संरक्षण कार्यों को लेकर स्थानीय स्तर पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र के ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जल संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित परिणाम दिखाई नहीं दे रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम बडारी, ग्राम झिरिया, ग्राम पंचायत रजरवरा तथा ग्राम सलैया कौहरी सहित कई गांवों में तालाबों के निर्माण, गहरीकरण एवं जल संरक्षण संबंधी कार्य कराए गए। आरोप है कि बरसात का मौसम होने के बावजूद कई तालाबों एवं संरचनाओं में पर्याप्त जलभराव नहीं हुआ, जिससे कार्यों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएसआर मद के लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये के कार्यों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। आरोपों के अनुसार, कुछ जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्य कराए गए तथा कई स्थानों पर अधूरे या निम्न गुणवत्ता वाले कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल संरक्षण के उद्देश्य से बनाए गए ढांचे बरसात में भी पानी नहीं रोक पा रहे हैं, तो संबंधित कार्यों की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जानी चाहिए।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन, संबंधित विभागों तथा एसीसी अडानी सीमेंट प्रबंधन से मांग की है कि इन कार्यों का स्वतंत्र निरीक्षण कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार या गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सीएसआर का उद्देश्य क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए होता है, इसलिए करोड़ों रुपये के खर्च वाले इन कार्यों की पारदर्शी जांच आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके और जनता का विश्वास बना रहे।


