रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले में तवा और नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन की निरंतर शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंच रही है। वर्तमान में नदियों से रेत के उत्खनन पर एनजीटी का प्रतिबंध लगा हुआ है। उसके बावजूद बड़ी मात्रा में डंपर और ट्रैक्टर ट्राली से रेत चोरी हो रही है। वहीं कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन में जिले में रेत के अवैध उत्खनन,परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार जांच एवं कार्यवाही की जा रही है। इसी तारतम्य में 09 अगस्त की देर रात्रि करीब डेढ़ बजे राजस्व, खनिज एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कार्यवाही में माखन नगर रोड पर आकस्मिक निरीक्षण के दौरान रेत भरकर जा रहे डंपर क्रमांक MP49 H 1166 को रोककर जांच की गई तो डंपर चालक रेत से संबंधित दस्तावेज और रॉयल्टी की जानकारी नहीं दे पाया। जांच में यह बात भी सामने आई कि रेत का अवैध उत्खनन माखन नगर तहसील के ग्राम मनवाड़ा से किया जाकर डंपर से परिवहन किया जा रहा था। बताया जाता है कि उस दौरान डंपर मालिक ने वहां पहुंचकर स्वयं को प्रदेश के बड़े मंत्री से जुड़े उनके रिश्तेदार का नाम बताकर परिचय भी दिया था, जो खासा चर्चा का विषय भी बना रहा। उसके बावजूद प्रशासन ने रेत से भरे डंपर को जप्त कर देहात थाने में FIR दर्ज कराई। जिसमें डंपर चालक हरिओम गोस्वामी निवासी गूजरवाड़ा के विरुद्ध बीएनएस 2023 की धारा 303(2),3 सार्वजनिक संपत्ति नुकसान अधिनियम के अंतर्गत दर्ज कर जांच में लिया गया। जांच में पुलिस ने डंपर मालिक नमन परिहार को भी आरोपी बनाया। वही मामले के संबंध में देहात थाना प्रभारी उषा मरावी ने बताया कि प्रशासन के संयुक्त जांच टीम द्वारा 9 अगस्त की देर रात्रि जिंद बाबा के पास से बिना रॉयल्टी रेत से भरे डंपर को पकड़ा था। उक्त मामले में डंपर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच में डंपर मालिक नमन परिहार को भी दोषी पाते हुए आरोपी बनाया गया है। न्यायालय द्वारा डंपर पर रेत का अवैध परिवहन करते पकड़े जाने पर 2,40,000₹(दो लाख चालीस हजार रूपए) का जुर्माना लगाया है। फिलहाल मामले में चालान प्रस्तुत करना बाकी है।

