मध्यप्रदेश के सहकारिता विभाग से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने विभागीय प्रक्रिया पर चर्चा छेड़ दी है। बड़वानी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत सुरेश सांवले को पदोन्नति देकर डिप्टी रजिस्ट्रार बनाया गया।
31 अगस्त को उन्होंने इंदौर पहुंचकर नए पद का प्रभार संभाला। लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि उसी दिन शाम करीब 5 बजे उनकी सेवानिवृत्ति हो गई। यानी जिस पद पर पदोन्नति मिली, उस पर उनकी सेवा कुछ ही घंटों तक रही।
प्रभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं। अब इस असाधारण घटनाक्रम को लेकर पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े सवाल भी चर्चा में हैं।
सांवले के मुताबिक, न्यायिक मामलों में कुछ ही घंटों के भीतर आदेश पारित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। उन्होंने सहकारिता विभाग में करीब तीन दशक तक सेवाएं दीं और इंदौर, बड़वानी व सेंधवा में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं।
कुछ घंटों की पदोन्नति ने अब विभाग की पदोन्नति और सेवानिवृत्ति प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


