भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बने मजबूत मौसम सिस्टम के प्रभाव से कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी है। शहडोल के बाणसागर बांध के छह गेट रविवार को खोलने पड़े, वहीं सिंगरौली समेत कई क्षेत्रों में भी जोरदार बारिश दर्ज की गई। मंडला और चित्रकूट में बाढ़ के बाद अब पानी कम होने लगा है, लेकिन प्रभावित इलाकों में तबाही के निशान अभी भी नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 11 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इनमें रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं।
कई जिलों में बारिश का अनुमान
राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। इन क्षेत्रों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
चित्रकूट में बाढ़ के बाद हालात
चित्रकूट में रविवार को मंदाकिनी नदी का जलस्तर करीब 30 फीट तक पहुंच गया था। गोरगी बांध टूटने के बाद कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया। तेज बहाव की चपेट में आने से रामघाट का बड़ा पुल भी बह गया।
अब नदी का जलस्तर घटने लगा है, लेकिन बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। घरों, गलियों और सड़कों पर मिट्टी, कीचड़ और कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने लिया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत शिविर में रह रहे प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत सामग्री वितरित की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी बनाए रखने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा करते हुए अतिक्रमण को भी बाढ़ के संभावित कारणों में से एक बताया।
सतना में दो दिन स्कूल बंद
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतना जिले में 31 अगस्त और 1 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का असर बना रह सकता है। ऐसे में नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


