मैहर,27 अगस्त। जिले में जल-जनित एवं संक्रामक रोगों जैसे- हैजा, आंत्रशोध, पेचिस, पीलिया और मस्तिष्क ज्वर के संभावित फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक सतर्कता बरती है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती बिदिशा मुखर्जी ने ‘आपत्तिजनक हैजा विनिमय 1983’ के नियम 3 के तहत संपूर्ण मैहर राजस्व सीमा को अधिसूचित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन एवं सतत निगरानी के लिए अनुभाग स्तर पर संयुक्त जांच दलों का गठन किया गया है। जांच दल में संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी (SDM), सीएमएचओ/सिविल सर्जन, तहसीलदार, बीएमओ, सीएमओ, जनपद सीईओ, पीएचई उपयंत्री, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और संबंधित थाना प्रभारी को सदस्य नियुक्त किया गया है।
दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री पर रोक, उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माना
सार्वजनिक स्थलों, होटलों, रेस्टोरेंट, ढाबों व बाजारों में खुले, कटे अथवा सड़े-गले फल-सब्जियों, बासी मिठाइयों, खुले पेय पदार्थों और दूषित खाद्य सामग्री के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत दूषित सामग्री पाए जाने पर उसे मौके पर ही नष्ट किया जाएगा और दोषियों पर ₹1 लाख तक का जुर्माना व दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।


