कटनी कंप्यूटर संचालक विजय बहरवानी के बैंक खातों की होगी गहन जांच, फर्जी खाते और हवाला नेटवर्क से जुड़े राज़ खुलने की उम्मीद
कटनी। कर्मचारी के नाम पर कथित तौर पर फर्जी बैंक खाता खोलकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी से जुड़े करोड़ों रुपये के लेनदेन के मामले में हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में ‘कटनी कंप्यूटर’ के मालिक विजय बहरवानी और उनके कर्मचारियों के बैंक खातों की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। एसआईटी ने विजय बहरवानी और उनसे जुड़े अन्य बैंक खातों में हुए लाखों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का परीक्षण शुरू कर दिया है।
*11.94 करोड़ का मनी ट्रेल, हाई कोर्ट ने जताई थी नाराजगी*
मामले में ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी वित्तीय लेनदेन से जुड़े बैंक खातों में 11.94 करोड़ रुपये के मनी ट्रेल (वित्तीय प्रवाह) का पता चला है। अदालत में पेश बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, यह भारी-भरकम राशि कटनी कंप्यूटर के मालिक विजय बहरवानी और उनके कर्मचारियों के खातों तक पहुंची थी।
इतने पुख्ता बैंक स्टेटमेंट सामने होने के बावजूद चार्जशीट दाखिल करने से पहले मुख्य संदिग्धों से पूछताछ न किए जाने पर हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सख्त टिप्पणी की थी। अदालत ने इसे प्रक्रियात्मक खामी मानते हुए पुलिस महानिदेशक (DGP) को निष्पक्ष जांच कराने और पुलिस की भूमिका की जांच सुनिश्चित करने का आदेश दिया। साथ ही, अदालत ने लंबे समय से जेल में बंद आरोपी योगेश बजाज को जमानत पर रिहा करने का आदेश भी जारी किया।
*कर्मचारी के पहचान पत्र पर खोली गई थी ‘कटनी काम्प’*
जांच में सामने आया है कि कटनी कंप्यूटर के कर्मचारी ओमप्रकाश के पहचान पत्र और हस्ताक्षरित चेक का इस्तेमाल कर ‘कटनी काम्प’ नाम से फर्जी फर्म और बैंक खाता खोला गया था। बाद में इसी खाते का उपयोग ऑनलाइन सट्टेबाजी की अवैध रकम को घुमाने के लिए किया गया।
*साड़ी सेंटर के कर्मचारी की शिकायत से खुला था राज*
मामले की शुरुआत 14 फरवरी 2026 को हुई, जब ग्राम जौहरी निवासी 39 वर्षीय अमित दहिया (पिता भल्लू दहिया) ने शिकायत दर्ज कराई थी। अमित ने बताया कि वह नई बस्ती स्थित ‘बॉम्बे ब्यूटीफुल साड़ी सेंटर’ में काम करता था। दुकान के कैश लेनदेन का हवाला देकर उसके नाम से बैंकों में फर्जी खाते खुलवाए गए और बैंक संबंधी सभी दस्तावेज आरोपी योगेश बजाज ने अपने पास रख लिए। इसके बाद उन खातों में बड़े पैमाने पर संदेहास्पद लेनदेन किया जाने लगा।
*हवाला और ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क*
थाना माधव नगर में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी योगेश बजाज को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में योगेश ने खुलासा किया कि उसने कांकेर (छत्तीसगढ़) निवासी मनीष और रोहित से 20 प्रतिशत कमीशन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की मास्टर आईडी ली थी।
मनीष और रोहित सट्टे की रकम को कटनी में विभिन्न लोगों के खातों में ट्रांसफर कर कैश कराते थे। कैश एकत्र होने पर योगेश बजाज व्हाट्सऐप पर मिलने वाली पर्चियों के आधार पर हवाला के जरिए रकम मनीष और रोहित तक पहुंचाता था। वहीं, संत नगर निवासी तरुण मोटवानी भी योगेश बजाज के बताए खातों में अपने दोस्तों के बैंक अकाउंट से ऑनलाइन पैसे भेजकर नकद कमीशन लेता था।
*अब तक कई आरोपी गिरफ्तार, SIT की जांच जारी*
मामले में पुलिस अब तक योगेश बजाज, तरुण मोटवानी, अवधेश गुप्ता सहित छत्तीसगढ़ के मनीष, रोहित और चार अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत गठित एसआईटी अब विजय बहरवानी तथा उनसे जुड़े कर्मचारियों के खातों के हर वित्तीय ट्रांजैक्शन की बिंदुवार जांच कर रही है, जिससे इस बड़े रैकेट के अन्य पहलुओं का खुलासा होने की उम्मीद है।


