रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। नगर पालिका नर्मदापुरम में टैक्स वसूली में हुए करोड़ों रुपए के राजस्व गबन मामले में नगर पालिका उपाध्यक्ष अभय वर्मा द्वारा सिटी कोतवाली नर्मदापुरम में 10 जुलाई को नगर पालिका के दो कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद यह गबन का मामला सुर्खियों में आया। जिसमें नगर पालिका उपाध्यक्ष द्वारा आरोप लगाया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2022-23 के बीच 7,78,91,654 रुपए से अधिक की राशि का गबन हुआ है। यह मामला विधानसभा में भी उठा और उच्च स्तरीय जांच रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद कोतवाली पुलिस द्वारा 10 जुलाई की देर रात्रि नगर पालिका के राजस्व शाखा के सहायक राजस्व निरीक्षक हरीश गोस्वामी और कंप्यूटर ऑपरेटर भुवन मेहता के विरुद्ध नामजद एफआईआर भादंवि की धारा 408,420 में दर्ज कराई गई थी। बताया जाता है कि उक्त मामले में आरोपी हरीश गोस्वामी द्वारा माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश के यहां जमानत आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसके आधार पर आरोपी को जमानत पुलिस कोतवाली द्वारा दे दी गई है। बताया जाता है कि इसके बाद कर्मचारी ने नगर पालिका में अपनी आमद दे दी है। वहीं मामले की जांच कर रहे निरीक्षक हेमंत निषोद ने बताया कि माननीय न्यायालय के आदेश उपरांत आरोपियों को जमानत दे दी गई है। मामले में जांच चल रही है, फरियादी पक्ष को साक्ष्य देने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। अभी तक उनके द्वारा दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, समय मांगा गया है। वहीं सीएमओ वैभव देशमुख ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस सूचना उपरांत आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था और उनका मुख्यालय नगर पालिका परिषद नर्मदापुरम रखा गया है। दूसरी तरह सूत्रों की माने तो उक्त गबन संबंधी मामला विधानसभा में विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा द्वारा उठाया गया था। जिसके तारतम्य में नगरीय प्रशासन द्वारा एक जांच कमेटी बनाकर मामले की जांच रिपोर्ट भी तैयार की गई है। फिलहाल अब मामला पुलिस जांच में है।


