पहले सड़क बनाई… फिर सीवर लाइन के नाम पर खोद दी! अब सवाल—जनता की सड़क है या प्रयोगशाला?
कटनी में विकास कार्यों का गजब खेल देखने को मिल रहा है। पहले सड़क निर्माण, फिर सीवर लाइन के लिए खुदाई, फिर सड़क की मरम्मत… और अब दोबारा सड़क की खुदाई!
यानी जनता पूछ रही है—आखिर सड़क बनानी है या बार-बार खोदकर बजट का खेल करना है?
एक तरफ नगर निगम विकास की तस्वीर दिखा रहा है, तो दूसरी तरफ शहर की सड़कों पर खुदाई, धूल, गड्ढे और जाम लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। सवाल सीधा है—अगर सीवर लाइन डालनी ही थी तो सड़क बनाने से पहले यह काम क्यों नहीं किया गया?
क्या विभागों के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा अब आम जनता भुगतेगी? और सबसे बड़ा सवाल—एक ही सड़क पर बार-बार निर्माण और खुदाई से आखिर सरकारी धन का कितना खर्च हो रहा है?
कटनी की जनता पूछ रही है—यह कौन सी योजना है साहब, “पहले सड़क बनाओ… फिर खोदो… फिर बनाओ… फिर खोदो!”
आइए, देखते हैं नगर निगम कटनी के विकास का यह “खुदाई मॉडल”, जहां सड़क कम और खुदाई ज्यादा नजर आ रही है।


