*दो दिवस में निगम प्रशासन की तीसरी बड़ी कार्यवाही*
कटनी – नगर निगम क्षेत्र में बिना अनुमति प्लॉटिंग एवं अवैध कॉलोनी विकसित कर भूखंडों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध नगर निगम प्रशासन ने अब सख्त कानूनी रुख अपनाया है। महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 43 में सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर भूखंड बेचने तथा कॉलोनी विकसित करने के मामले में नगर निगम प्रशासन की शिकायत पर कॉलोनाइजर शुभम साहू पिता लखन साहू, निवासी कुठला के विरुद्ध माधव नगर थाना में 12 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज की गई है, जिसका क्रमांक 0801 है। अवैध कॉलोनाइजर के विरुद्ध नगर निगम प्रशासन को दो दिवस के भीतर यह तीसरी बड़ी कार्यवाही है।
निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नगरीय क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी निर्माण, प्लॉटिंग अथवा भूखंडों की बिक्री करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
*बिना अनुमति की गई प्लॉटिंग, सात लोगों को बेचे भूखंड*
प्राथमिकी में उल्लेखित शिकायत के अनुसार महाराणा प्रताप वार्ड क्रमांक 43 स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, वैदिक हाईट के सामने प.ह.न. 38 मौजा ग्राम अमकुही रा.नि.मं. मुड़वारा स्थित भूमि के खसरा नंबर 284/5, की भूमि पर सक्षम अधिकारी अथवा संबंधित विभाग की अनुमति के बिना प्लॉटिंग की गई। शिकायत में आरोप है कि उक्त भूमि के लगभग सात अलग-अलग भूखंड विधि-विरुद्ध तरीके से विभिन्न व्यक्तियों को विक्रय किए गए तथा इससे करोड़ो रुपये का अवैध लाभ अर्जित किया गया।
*कृषि भूमि पर बिना अनुमति विकसित की जा रही थी कॉलोनी*
शिकायत के अनुसार वर्तमान राजस्व अभिलेखों में संबंधित भूमि कृषि भूमि दर्ज है। इसके बावजूद भूमि स्वामी द्वारा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना नगर निगम कटनी एवं नगर तथा ग्राम निवेश विभाग से ले-आउट नक्शा स्वीकृत कराए बिना तथा निर्माण अनुज्ञा प्राप्त किए बिना कृषि भूमि का गैर-कृषि प्रयोजन के लिए उपयोग करते हुए रोड एवं अन्य निर्माण कार्य कराया गया। इसके बाद भूखंडों का अनाधिकृत रूप से विक्रय किया गया।
*कॉलोनाइजर लाइसेंस और विकास अनुमति भी नहीं ली गई*
निगम प्रशासन की शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित व्यक्ति द्वारा नियमानुसार कॉलोनाइजर लाइसेंस प्राप्त किए बिना तथा कॉलोनी का संपूर्ण विकास किए बिना ही भूखंडों का विक्रय किया गया। विकास एवं निर्माण संबंधी आवश्यक अनुमतियां प्राप्त नहीं किए जाने से नगर निगम एवं शासन को लाखों रूपये की राजस्व की क्षति होने की बात भी शिकायत में कही गई है।
*धारा 292(ग) के तहत मामला दर्ज, जांच शुरू*
नगर निगम की ओर से प्रस्तुत शिकायत में उक्त कृत्य को नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 292(ग) के अंतर्गत दंडनीय बताते हुए कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। मामले में माधव नगर थाना पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। जांच अधिकारी के रूप में कमलेश बैरागी, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक को जांच सौंपी गई है।
*एक दर्जन अवैध कॉलोनाइजर पर हुई कार्यवाही*
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार के निर्देशन में निगम प्रशासन द्वारा अवैध कालोनी निर्माण को लेकर बरती जा रही सख्ती के फलस्वरूप अब तक लगभग एक दर्जन कालोनाइजरों के विरूद्ध अवैध कालोनी निर्माण को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। नगर निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि शहर में अवैध कॉलोनियों एवं अनधिकृत प्लॉटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन कर नागरिकों को भूखंड बेचने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


