भोपाल। 12 अगस्त 2026 को अंतरिक्ष में साल की एक बेहद दुर्लभ और महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होने जा रही है। इस दिन साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। ग्रहण के दौरान दुनिया के कुछ हिस्सों में दिन के समय ही अंधेरा छा जाएगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने इस खगोलीय घटना को लेकर वैज्ञानिक जानकारी साझा करते हुए लोगों से अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है।
27 साल बाद यूरोप में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
सारिका घारू ने बताया कि यह सूर्य ग्रहण यूरोप के लिए विशेष रूप से ऐतिहासिक है। यूरोप के कुछ हिस्सों में 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। इससे पहले वर्ष 1999 में यूरोप में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया था।
पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में ग्रहण के दौरान दिन में कुछ समय के लिए रात जैसा अंधेरा दिखाई देगा। इसके अलावा यूरोप, कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण देखा जा सकेगा।
भारत में नहीं दिखाई देगा ग्रहण
सारिका घारू के अनुसार, भारतीय समयानुसार सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात 9:04 बजे शुरू होगा और 13 अगस्त की रात 1:27 बजे समाप्त होगा। इस दौरान भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे होगा। इसलिए यह सूर्य ग्रहण भारत के किसी भी हिस्से से दिखाई नहीं देगा।
भारत में रहने वाले खगोल प्रेमी इस दुर्लभ खगोलीय घटना को नासा अथवा अन्य विश्वसनीय वैज्ञानिक संस्थाओं की ऑनलाइन लाइव स्ट्रीम के माध्यम से देख सकते हैं।
करीब 12 प्रतिशत आबादी देख सकेगी ग्रहण
इस पूर्ण सूर्य ग्रहण की प्रत्यक्ष दृश्यता दुनिया की लगभग 12 प्रतिशत आबादी तक रहने का अनुमान है। पूर्ण ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है और पृथ्वी के जिस हिस्से पर चंद्रमा की पूर्ण छाया पड़ती है, वहां कुछ समय के लिए दिन में रात जैसा दृश्य दिखाई देता है।
अंधविश्वास नहीं, विज्ञान को समझें
सारिका घारू ने लोगों से अपील की कि सूर्य ग्रहण को लेकर किसी भी तरह के अंधविश्वास और भ्रांतियों पर भरोसा न करें। यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक और वैज्ञानिक खगोलीय घटना है। ग्रहण को समझने और देखने के लिए वैज्ञानिक जानकारी और सुरक्षित सौर-दर्शन विधियों का ही पालन करना चाहिए।
28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण
सूर्य ग्रहण के करीब 15 दिन बाद 28 अगस्त 2026 को आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा। यह चंद्र ग्रहण भी भारत से दिखाई नहीं देगा।
भारत में अगला सूर्य ग्रहण देखने के लिए खगोल प्रेमियों को 2 अगस्त 2027 तक इंतजार करना होगा। उस दिन भारत के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
सूर्य ग्रहण का समय
ग्रहण की शुरुआत: 12 अगस्त, रात 9:04 बजे
पूर्ण ग्रहण की शुरुआत: रात 10:28 बजे
ग्रहण का पीक टाइम: रात 11:16 बजे
पूर्ण ग्रहण की समाप्ति: 13 अगस्त, रात 12:05 बजे
ग्रहण का पूर्ण समापन: 13 अगस्त, रात 1:27 बजे
सारिका घारू ने कहा कि यह घटना हमें ब्रह्मांड की अद्भुत गतिविधियों को समझने का अवसर देती है। इसे डर या अंधविश्वास से नहीं, बल्कि जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है।
नोट: शीर्षक में “आपके शहर में रात” की जगह “भारत में नहीं दिखाई देगा” रखना ज्यादा सटीक और समाचार की दृष्टि से सुरक्षित रहेगा।

