रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिले में समर्थन मूल्य पर संचालित मूंग खरीदी प्रक्रिया में निर्धारित गुणवत्ता मानकों एवं उपार्जन प्रक्रिया के उल्लंघन को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशन में जिला प्रशासन अत्यंत गंभीर है। फिलहाल माखननगर क्षेत्र में अमानक मूंग खरीदी के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं, जिससे खासा हड़कंप मचा हुआ है। वहीं सूत्रों की माने तो जिले में अमानक मूंग खरीदी के पीछे एक कॉकस के शामिल होने की बात सुर्खियों में आ रही है। रविवार को फिर माखन नगर थाने में अमानक मूंग के खरीदी के संबंध में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज हुआ है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देशानुसार मूंग उपार्जन केन्द्र राधे कृष्ण वेयरहाउस एवं चेतन वेयरहाउस माखननगर में अमानक मूंग के उपार्जन में अमानक मूंग उपार्जित किए जाने पर शाखा प्रबंधक मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन माखन नगर की शिकायत पर संबंधित उपार्जन केन्द्रों से जुड़े समिति प्रबंधक, वेयरहाउस संचालक एवं सर्वेयर के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के अंतर्गत FIR दर्ज कराई गई है। मामले में माखन नगर टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन शाखा प्रबंधक हेमंत कुमार चंदेल की शिकायत पर राधे कृष्ण वेयरहाउस (काजलखेड़ी) संचालक श्रीमती ज्योति मीणा, समिति प्रबंधक सुनील पटेल, सर्वेयर शिवम तिवारी के विरुद्ध बीएनएस एक्ट 2023 में धारा 318(4),आवश्यक वस्तु अधिनियम में मामला दर्ज किया गया है। इसी प्रकार चेतन वेयर हाउस(फुरतला) संचालक श्रीमती शोभा राजपूत, समिति प्रबंधक श्रीमती सोनू परमार, सर्वेयर देशराज यादव के विरुद्ध बीएनएस एक्ट 2023 में धारा 318(4), आवश्यक वस्तु अधिनियम में मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है।
जिले में समर्थन मूल्य पर संचालित मूंग उपार्जन व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि शासन द्वारा निर्धारित FAQ (Fair Average Quality) मापदण्डों के अनुरूप ही मूंग का उपार्जन सुनिश्चित किया जाएगा। गुणवत्ता के नाम पर किसान के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा तथा अमानक उपज को FAQ के रूप में उपार्जित करने की किसी की भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता परीक्षण में किसानों के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी अथवा अनावश्यक परेशानी की शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसान निर्धारित FAQ मापदण्डों के अनुरूप मूंग लेकर उपार्जन केन्द्र पर आता है, तो उसे केवल गुणवत्ता के नाम पर अनावश्यक रूप से वापस नहीं किया जाए। गुणवत्ता परीक्षण निर्धारित प्रक्रिया, उपलब्ध परीक्षण उपकरणों तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही किया जाए। किसी किसान को उसकी पात्र उपज के उपार्जन से वंचित करना अथवा बिना उचित आधार के उसकी उपज को अमानक घोषित करना स्वीकार्य नहीं होगा।


