सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक और नमूना 8 जून शनिवार को सामने आया। मामला रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र स्थित आरोग्य केंद्र बडखेरा का है l जहा दोपहर 12:44 बजे जब ग्रामीण इलाज कराने पहुंचे तो केंद्र के मुख्य गेट पर ताला लटका मिला। अंदर कोई डॉक्टर, नर्स या स्वास्थ्य कर्मी मौजूद नहीं था। सबसे हैरान करने वाली बात ये रही कि गेट के अंदर एक कुत्ता कैद था। कुत्ते के पास न पानी था न खाना। अब सवाल यह खड़ा होता है कि यह कुत्ता पालतू है, या कोई आवारा , दोनों ही परिस्थितियों में गेट के अंदर कुत्ते को कैद करना एक मानवता को शर्मशार कर देने वाली तस्वीरे प्रकाश मैं आई है
मरीजों की सुविधा हेतु आरोग्य केंद्र मैं डॉक्टर क होना अनिवार्य है l फिर भी आरोग्य केंद्र में अधिकतर ताले बंद पाए जाते हैं और डॉक्टर या कर्मचारी गेट बंद करके चले तो जाते परंतु एक बेजुबान जानवर अंदर है इसकी फिक्र तक नहीं की जाती है l
ग्रामीणों का आरोप है कि आरोग्य केंद्र कब खुलता है और कब बंद होता है इसका पता ही नहीं चल पाता जबकि ग्रामीणों को मिलने वाली आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं प्रतिदिन मिलनी चाहिए l केंद्र के बंद होने से पहुंच रहे मैरिज तालाबंदी देख मायूस हो जाते और किसी प्राइवेट डॉक्टर की शरण लेनी होती है l जो यह स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करता है l स्थानीय निवासी ने कहा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए । और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं समय पर मिले ये सुनिश्चित किया जाए
हरिशंकर बेन
आरोग्य केंद्र के गेट के अंदर बंद मिला बेजुबान कुत्ता, बाहर लटका ताला


