रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय के अंतर्गत जनपद पंचायत नर्मदापुरम की नर्मदा नदी किनारे स्थित ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा का सरपंच पद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। कमिश्नर द्वारा माखन कीर का जिलाबदर निरस्त किए जाने के उपरांत प्रशासन द्वारा पुनः सरपंच का प्रभार सौंप दिया गया है। जिसको लेकर स्थापनन्न सरपंच कैलाश दायमा ने आपत्ति दर्ज कराते हुए पुनः सरपंच पद पर प्रभार दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। अपने अधिवक्ता मनीष कुमार सराठे की मौजूदगी में कैलाश दायमा ने पत्रकार वार्ता में उक्त विषय पर अपनी बात रखी है। जिलाबदर निरस्त होने के उपरांत माखन कीर को जनपद सीईओ के आदेश पर सरपंच प्रभार दिए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि वह उक्त आदेश के विरुद्ध अब माननीय न्यायालय में अपनी बात रखेंगे। मामले में जिला प्रशासन द्वारा उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। वही मामले में जनपद सीईओ रंजीत ताराम ने बताया कि कमिश्नर द्वारा माखन कीर का जिलाबदर निरस्त किए जाने के उपरांत पुनः सरपंच का प्रभार नियमानुसार दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी(राजस्व) नर्मदापुरम के आदेश पर उक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा के अधिवक्ता मनीष कुमार सराठे ने बताया कि स्थानापन्न सरपंच को पद से हटाए जाने संबंधी कोई आदेश नहीं दिया गया और पूर्व सरपंच को पुनः प्रभार दे दिया गया जिस पर आपत्ति है। क्योंकि कमिश्नर कोर्ट के आदेश में कहीं पर भी पुनः सरपंच पद दिए जाने संबंधी कोई दिशा निर्देश नहीं है। अवगत हो कि ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा के सरपंच माखन कीर को पूर्व कलेक्टर सोनिया मीणा द्वारा 16 मार्च को जिलाबदर कर दिया गया था। इसके बाद रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए 04 मई को स्थानापन्न सरपंच के पद पर विधिवत निर्वाचन प्रक्रिया के माध्यम से पंचों द्वारा कैलाश दायमा को स्थानापन्न सरपंच नियुक्त किया गया। इसके बाद में निवर्तमान सरपंच माखन कीर द्वारा कलेक्टर के जिलाबदर आदेश के विरुद्ध नमर्दापुरम कमिश्नर के अपील प्रस्तुत की गई। अपील में प्रस्तुत तथ्यों और साक्ष्यों के परीक्षण उपरांत आयुक्त नर्मदापुरम ने 02 मई को कलेक्टर के आदेश का परीक्षण करते हुए संशोधित कर निरस्त कर दिया। इसके बाद जनपद पंचायत सीईओ रंजीत ताराम द्वारा 07 जुलाई को सचिव ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा को पत्र लिखकर माखन कीर को सरपंच का प्रभार सौंपने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सचिव द्वारा 8 जुलाई को माखन कीर को डोंगरवाड़ा का सरपंच प्रभार सौंप दिया गया। इसके बाद से ही स्थानापन्न सरपंच कैलाश दायमा जिला प्रशासन के अधिकारियों के गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें पद से हटाए बिना कैसे पूर्व सरपंच को प्रभाव दे दिया गया ?


