कटनी – विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से शासकीय आर.के. गौतम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मुरवारी (जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा) में बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कृषि विषय का अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए जैविक खेती एवं एकीकृत कृषि प्रणाली पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।
जैविक खेती से बढ़ेगी आय, कृषि बनेगी लाभ का व्यवसाय
विद्यालय के प्राचार्य संघ रत्न भेलावे के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे ने विद्यार्थियों को आधुनिक एवं जैविक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एकीकृत कृषि प्रणाली अपनाकर किसान खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल सकते हैं तथा सीमित संसाधनों में भी अधिक आय अर्जित कर सकते हैं।
कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को कृषि के साथ पशुपालन, सब्जी उत्पादन, दलहन एवं तिलहन उत्पादन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, फूलों की खेती, रेशम पालन, कृषि वानिकी तथा औषधीय फसलों की खेती जैसी आयवर्धक गतिविधियों का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि इन गतिविधियों के समन्वय से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन की समझ भी विकसित की गई
प्रशिक्षण में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के तहत मिट्टी के भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणों की जानकारी दी गई। साथ ही गोबर खाद, कम्पोस्ट, नाडेप टांका खाद, केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट), हरी खाद, जैव उर्वरक, बायोगैस स्लरी, अजोला एवं नील-हरित काई जैसे जैविक पोषक स्रोतों के उपयोग और उनके लाभों से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
व्यावसायिक शिक्षा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के व्यावसायिक शिक्षक ने प्रशिक्षण के सफल संचालन में सहयोग प्रदान किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें भविष्य में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए तैयार करना रहा।


