रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। जिला मुख्यालय पर एसपीएम रेलवे क्रॉसिंग के पास खोजनपुर स्थित डेरा सच्चा सौदा की जमीन 8.4 एकड़ में से 6.4 एकड़ जमीन खरीदी में फर्जी तरीके से हुई रजिस्ट्री के गंभीर मामले में आरोपी अधिवक्ता सुशील गोयल अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालय से निरस्त होने के बाद से लगातार फरार चल रहे हैं। वही मामले में जांच कर रही सिटी कोतवाली नर्मदापुरम पुलिस के जिम्मेदार जांच अधिकारी मामले के आरोपी फरार अधिवक्ता को करीब 01 वर्ष से ढूंढ रही हैं। अवगत हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने 18 अगस्त 2025 को जमानत आवेदन को ठुकराया था। फिर उच्च न्यायालय ने 02 फरवरी 26 को तीसरी अग्रिम जमानत अपील को भी खारिज कर दिया था। इसके बाद से ही अधिवक्ता सुशील गोयल मामले में पुलिस द्वारा फरार बताए जा रहे हैं। जबकि निरंतर पुलिस के सामने यह बात सामने आई है कि फरार आरोपी शहर में ही घूम रहा है। बुधवार को नगर नर्मदापुरम में जैन समाज के कार्यक्रम में फरार आरोपी अधिवक्ता सुशील गोयल खुलेआम घूमते नजर आए। इस दौरान पुलिस भी कार्यक्रम में मौजूद रही। उक्त मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आने के बाद सिटी कोतवाली में हड़कंप मच गया है। वहीं मामले को लेकर अब जांच अधिकारी पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। आश्चर्य का विषय है कि जमीन फर्जीवाड़ा के फरार गंभीर आरोपी को शहर में ही घूमने के दौरान भी पुलिस नहीं पकड़ पा रही है, जबकि सिटी पुलिस को भी पूरी जानकारी है। अवगत हो कि उक्त मामले में आरोपी अधिवक्ता सुशील गोयल के साथ उनके पुत्र दिव्यांश गोयल और एकांश गोयल भी प्रकरण में आरोपी हैं। वही मामले में डेरा सच्चा सौदा की तरफ से उक्त प्रकरण को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने वाले अधिवक्ता मनीष कुमार सराठे ने बताया कि सीजेएम कोर्ट में धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत प्रस्तुत किया था। जिसके बाद कोर्ट ने सिटी कोतवाली पुलिस को जांच सहित गिरफ्तारी के आदेश दिए थे।


