रिपोर्टर योगेश गजभिए
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशे के अभिशाप से मुक्त करने और युवा पीढ़ी को इसके दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान का द्वितीय चरण आयोजित किया जा रहा है। यह एक बहुत ही महत्वूर्ण राज्यव्यापी नशामुक्ति जनजागृति अभियान है, जो 15 जुलाई 2026 से प्रारंभ होकर 30 जुलाई 2026 तक पूरे प्रदेश में पूरी सक्रियता के साथ संचालित किया जाएगा। छिंदवाड़ा जिले में “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के द्वितीय चरण के सफल एवं प्रभावी संचालन को लेकर कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता और पुलिस अधीक्षक श्री अजय पाण्डेय की उपस्थिति में सभी विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिसमें अभियान के दौरान राज्य स्तर से निर्धारित दिन – प्रतिदिन की गतिविधियों से अवगत कराते हुए विभागों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए और सभी से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभियान में पुलिस विभाग के साथ – साथ शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, सामाजिक संगठन, खेल क्लब और स्थानीय नागरिक भी सहभागिता निभाएंगे।
बैठक में अभियान के तहत प्रस्तावित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर श्री नारायन ने निर्देश दिए कि जनजागरूकता कार्यक्रमों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष गतिविधियों, ग्राम एवं शहरी क्षेत्रों में रैलियों, शपथ ग्रहण कार्यक्रमों तथा विभिन्न माध्यमों से नशामुक्ति का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाए। सभी संबंधित विभागों को अभियान के निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जिले में नशामुक्ति के प्रति जनजागरूकता बढ़े और अभियान को सफल बनाया जा सके।
पुलिस अधीक्षक श्री पाण्डेय ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई चैन प्रवर्तन, अवैध तंबाकू व ड्रग्स की बिक्री पर रोक एवं नियंत्रण और जन – जन तक नशामुक्ति संदेश पहुंचाकर लोगों को जागरूक करना है। अभियान का शुभारम्भ 15 जुलाई 2026 को किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। हमें एक ओर इन मादक पदार्थों का आदी व्यक्तियों को इन व्यसनों से मुक्त करना है, दूसरी तरफ युवा पीढ़ी को इनसे बचाना है। इस कार्य में पुलिस, प्रशासन के साथ ही समाज की सहभागिता आवश्यक है।


