आयुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने विभिन्न विभागों में लंबित सी.एम. हेल्पलाइन प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विशेष रूप से 50 दिवस एवं उससे अधिक अवधि से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान निगम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निगमायुक्त ने निगम की साफ-सफाई, सीवरेज, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सिविल, अतिक्रमण राजस्व, एन.यू.एल.एम, यांत्रिकी प्रकोष्ठ की लंबित शिकायतों हेतु संबंधित लेबल अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभागों में लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर उनका शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि किसी भी सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत को नॉट अटेंडेड की स्थिति में नहीं रहने दिया जाए तथा प्रत्येक शिकायत पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर शिकायतकर्ता को संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।
निगमायुक्त ने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बहु विभागीय शिकायतों के त्वरित निराकरण पर भी बल देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना उचित कारण शिकायतों को एक विभाग से दूसरे विभाग में स्थानांतरित करने अथवा अनावश्यक विलंब करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
निगमायुक्त सुश्री तपस्या परिहार ने स्पष्ट किया कि सी.एम. हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी तथा 50 दिवस एवं उससे अधिक लंबित शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य के साथ सभी अधिकारी पूर्ण गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।


