*योगेश गजभिये पांढुरना*.वर्षा ऋतु के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) पांढुर्णा द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित शासकीय हैंडपंपों, नल-जल योजनाओं, कुओं एवं अन्य पेयजल स्रोतों का चरणबद्ध रूप से क्लोरीनेशन कराया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य पेयजल स्रोतों को जीवाणुरहित बनाते हुए जलजनित रोगों की रोकथाम करना तथा नागरिकों को गुणवत्तायुक्त एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्षा ऋतु में भूजल एवं अन्य पेयजल स्रोतों के दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा नियमित रूप से पेयजल स्रोतों का क्लोरीनेशन कराया जा रहा है, जिससे डायरिया, हैजा, टायफाइड सहित अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके तथा ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की सतत आपूर्ति बनाए रखी जा सकें। विभाग द्वारा ग्रामीण नागरिकों से अपील की गई है कि वर्षा ऋतु के दौरान पेयजल को सदैव स्वच्छ, विसंक्रमित एवं ढक्कनदार बर्तनों में सुरक्षित रखें। पानी निकालने के लिए लंबे हैंडल वाले स्वच्छ बर्तन अथवा करछी का उपयोग करें तथा सीधे हाथ पानी में न डालें। जनस्वास्थ्य की दृष्टि से, यदि संभव हो तो पेयजल को उबालकर ठंडा करने के बाद ही उपयोग में लाएं।
विभाग ने यह भी आग्रह किया है कि हैंडपंपों, कुओं एवं अन्य पेयजल स्रोतों के आसपास नियमित रूप से साफ-सफाई बनाए रखें तथा गंदा पानी एकत्रित न होने दें। यदि किसी क्षेत्र में पेयजल दूषित, गंधयुक्त अथवा संदिग्ध प्रतीत हो, तो उसका उपयोग तत्काल बंद कर संबंधित उपखंड प्रयोगशाला अथवा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को तुरंत सूचना दें, ताकि आवश्यक परीक्षण एवं सुधारात्मक कार्रवाई समय पर सुनिश्चित की जा सके।


