*योगेश गजभिये पांढुरना*.गुरु पूर्णिमा उत्सव के अवसर पर वर्ष 1954 से लगातार पांढुर्णा से परमहंस श्री श्री 1008 श्री धूनीवाले श्री दादाजी महाराज के समाधि स्थल खंडवा धाम तक परंपरागत निशान पदयात्रा निकाली जा रही है। श्रद्धालु नंगे पांव लगभग 360 किलोमीटर की यात्रा करते हुए “भजलो दादाजी का नाम, भजलो हरिहर जी का नाम” का संकीर्तन करते हुए गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस वर्ष भी पांढुर्णा के दादाजी भक्त मनोज गुडधे गुरु पूर्णिमा पर निशान पदयात्रा करते हुए खंडवा धाम पहुंचेंगे और परमहंस श्री धूनीवाले दादाजी महाराज के चरणों में निशान अर्पित कर दादा धाम एक्सप्रेस को पुनः प्रारंभ कराने की अर्जी लगाएंगे।
भक्तों की वर्षों पुरानी मांग पर शुरू हुई थी दादा धाम एक्सप्रेस:-
नागपुर, पांढुर्णा, सौसर, मुलताई, बैतूल, हरदा एवं हरसूद सहित पूरे क्षेत्र के श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग पर पटेल सेवा समिति खंडवा के श्रद्धेय श्री कोमल भाऊ आखरे के प्रयास तथा तत्कालीन केंद्रीय मंत्री कमलनाथ के आग्रह से भारतीय रेलवे ने 18 जनवरी 2011 को दादा धाम एक्सप्रेस (अप 22112 एवं डाउन 22111) का शुभारंभ किया था। पांढुर्णा रेलवे स्टेशन पर इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। यह ट्रेन नागपुर से भुसावल वाया इटारसी होते हुए खंडवा तक चलती थी और श्रद्धालुओं को बिना ट्रेन बदले सीधे परमहंस धूनीवाले श्री दादाजी महाराज के समाधि स्थल तक पहुंचने की सुविधा उपलब्ध कराती थी। इस कारण यह ट्रेन श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और लोकप्रिय रेल सेवा बन गई थी।
दादा धाम एक्सप्रेस शुरू होने की खुशी में 2011 में निकाली थी निशान पदयात्रा:-
दादा धाम एक्सप्रेस के शुभारंभ की खुशी में दादाजी भक्त मनोज गुडधे ने गुरु पूर्णिमा उत्सव वर्ष 2011 में पांढुर्णा से खंडवा स्थित धूनीवाले श्री दादाजी महाराज धाम तक लगभग 360 किलोमीटर की नंगे पांव निशान पदयात्रा निकाली थी। उन्होंने पदयात्रा पूर्ण कर गुरु चरणों में निशान अर्पित करते हुए दादा धाम एक्सप्रेस के सफल संचालन के लिए कृतज्ञता व्यक्त की थी। अब 15 वर्ष बाद वे एक बार फिर उसी आस्था और संकल्प के साथ निशान पदयात्रा कर रहे, लेकिन इस बार उद्देश्य बंद पड़ी दादा धाम एक्सप्रेस को पुनः प्रारंभ कराने की प्रार्थना करना है।
कोरोना काल में बंद हुई, छह वर्ष बाद भी नहीं हुई बहाल:-
सप्ताह में तीन दिन संचालित होने वाली दादा धाम एक्सप्रेस का संचालन वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान बंद कर दिया गया था। छह वर्ष बीत जाने के बावजूद यह रेल सेवा आज तक पुनः प्रारंभ नहीं हो सकी है। इस दौरान स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं दादाजी भक्तों द्वारा कई बार रेल मंत्रालय को ज्ञापन सौंपे गए। पांढुर्णा में श्रद्धालुओं ने लगभग दो माह तक क्रमिक धरना भी दिया, लेकिन अब तक रेलवे की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
संकल्प पत्र में किया गया था ट्रेन शुरू कराने का वादा :-
लोकसभा चुनाव से पूर्व छिंदवाड़ा-पांढुर्णा के सांसद विवेक बंटी साहू ने अपने संकल्प पत्र में दादा धाम एक्सप्रेस को पुनः प्रारंभ कराने का वादा किया था। स्वयं धूनीवाले श्री दादाजी महाराज के परम भक्त माने जाने वाले सांसद ने वर्ष 2025 की गुरु पूर्णिमा पर्व पर छिंदवाड़ा से खंडवा तक पदयात्रा भी की थी। ऐसे में क्षेत्र के श्रद्धालुओं को अब भी उम्मीद है कि उनके प्रयासों से यह बहुप्रतीक्षित रेल सेवा शीघ्र पुनः शुरू होगी।
हजारों श्रद्धालुओं के लिए जीवनरेखा थी दादा धाम एक्सप्रेस:-
गुरु पूर्णिमा सहित विभिन्न धार्मिक अवसरों पर हजारों श्रद्धालु खंडवा स्थित धूनीवाले श्री दादाजी महाराज धाम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। क्षेत्र के अनेक बुजुर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर श्रद्धालु इटारसी में ट्रेन बदलने में असमर्थ रहते हैं। कई यात्रियों को गलत ट्रेन में बैठ जाने या अतिरिक्त खर्च उठाने का भी भय बना रहता है। ऐसे में दादा धाम एक्सप्रेस उनके लिए सबसे सुविधाजनक साधन थी। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस ट्रेन के पुनः संचालन से हजारों भक्तों को सीधी, सुरक्षित और सरल यात्रा की सुविधा फिर से मिल सकेगी।
गुरु चरणों में रखी जाएगी हजारों श्रद्धालुओं की सामूहिक मांग:-
इस वर्ष मनोज गुडधे द्वारा निकाली जा रही निशान पदयात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था का प्रतीक नहीं होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं की उस सामूहिक भावना का प्रतिनिधित्व करेगी, जिसमें वे श्री श्री 1008 श्री धूनीवाले श्री दादाजी महाराज के चरणों में निशान अर्पित कर दादा धाम एक्सप्रेस को शीघ्र पुनः प्रारंभ किए जाने की प्रार्थना करेंगे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि गुरु महाराज की कृपा से उनकी वर्षों पुरानी यह मांग अवश्य पूरी होगी और दादा धाम एक्सप्रेस एक बार फिर श्रद्धालुओं की सेवा में पटरी पर दौड़ती नजर आएगी।
निशान पदयात्रा में शामिल होगा जत्था:-
इस निशान पदयात्रा के जत्थे में नर्मदा परिक्रमावासी शंकर महाराज, बालकृष्णा (मामा) पराड़कर,दिनेश बोकडे, शशिकांत अम्बुलकर, किशोर भाइक,उमेश बरगट, विवेक चऊत्रे, चेतन हेड़ाऊ, विवेक मानकर, रवी खोड़े,जितेंद्र काकड़े, शुभम खरवड़े, कुणाल पालीवाल, टिंकू बोबडे, जीतू गिरडकर, संदीप डहारे, आदि भक्त पदयात्रा में शामिल होंगे।


