भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जुलाई की शुरुआत से प्रदेश के कई हिस्सों में हो रही बारिश के कारण जून में बनी वर्षा की कमी काफी हद तक दूर हो गई है। प्रदेश में अब तक 234.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य वर्षा के आंकड़े से करीब 10 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है।
प्रदेश के भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत 32 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान पन्ना और सतना जिले में तेज बारिश की संभावना जताई है। इन दोनों जिलों में भारी वर्षा को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है।
अगले चार दिनों तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम के मौजूदा सिस्टम को देखते हुए मध्य प्रदेश में अगले चार दिनों तक वर्षा की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। अलग-अलग जिलों में हल्की, मध्यम और कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है। पन्ना और सतना में 24 घंटे के भीतर चार इंच या इससे अधिक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
प्रदेश के भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं।
कई जिलों में बरसे बादल
गुरुवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। मंडला में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सिंगरौली और बालाघाट में भी बादल जमकर बरसे। इसके अलावा बैतूल, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना और सीधी सहित अन्य स्थानों पर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
जुलाई की बारिश ने बदले प्रदेश के आंकड़े
जून में मध्य प्रदेश में मानसून अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाया था। बारिश और आंधी का दौर जारी रहने के बावजूद प्रदेश में सामान्य से करीब 30 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई थी। जुलाई के शुरुआती नौ दिनों में हुई लगातार बारिश के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और प्रदेश का औसत बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर पहुंच गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश में अभी भी सामान्य के मुकाबले करीब 9 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके विपरीत पश्चिमी मध्य प्रदेश में मानसून अधिक मेहरबान रहा है और यहां औसत से लगभग 29 प्रतिशत ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के बारिश के आंकड़ों में और बढ़ोतरी हो सकती है।


