कटनी। बैंकों और बड़े व्यापारिक केंद्रों के बाहर ‘प्रोफेशनल’ तरीके से रेकी कर चंद सेकंड में गाड़ियों की डिग्गी तोड़ने और झपटमारी करने वाले एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का कटनी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के करीब 15 से अधिक जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका यह सुसंगठित गैंग बैंकों के भीतर और बाहर फैलकर वारदात को अंजाम देता था। कटनी पुलिस की संयुक्त टीम ने इस गिरोह के दो मुख्य मास्टरमाइंड सुमित सिसोदिया उर्फ बंदर और संजय सिसोदिया को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जिन्होंने तीनों राज्यों में 40 लाख रुपये से अधिक की लगभग 26 सनसनीखेज वारदातों को अंजाम देना कुबूल किया है।
पुलिस की पूछताछ में इस गिरोह के काम करने का जो तरीका (मोडस ऑपेरंडी) सामने आया है, उसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। गैंग का एक सदस्य बैंक के भीतर जाकर मोटी रकम निकालने वाले ग्राहकों की बकायदा रेकी करता था, जबकि बाहर बाइक स्टार्ट कर घात लगाए बैठे अन्य सदस्य चंद सेकंड में पीड़ित की स्कूटी-कार का लॉक या शीशा तोड़कर कैश उड़ाकर रफूचक्कर हो जाते थे।
*उमरियापान की वारदात से खुला राज*
घटना की शुरुआत 19 मई 2026 को दोपहर करीब 11:51 बजे हुई, जब थाना उमरियापान के अंतर्गत जिला सहकारी बैंक से दिनदहाड़े सेल्समैन रघुवीर सिंह बागरी का 50,000 रुपये नकद और सरकारी दस्तावेजों से भरा बैग चोरी हो गया था। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 162/2026 के तहत बीएनएस (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी द्वारा एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया, जिसमें माधवनगर थाना प्रभारी संजय दुबे, उमरियापान थाना प्रभारी उनि महेंद्र जायसवाल, एनकेजे थाना प्रभारी उनि रूपेंद्र राजपूत, रंगनाथ थाना प्रभारी उनि अरुणपाल और साइबर व सीसीटीवी सेल को शामिल किया गया। टीम ने बैंक और आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर दोनों मास्टरमाइंड को दबोच लिया।
*गिरफ्तार शातिर आरोपियों का विवरण*
पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों आरोपी अनूपपुर जिले के रहने वाले हैं और आदतन पेशेवर अपराधी हैं:
* सुमित सिसोदिया उर्फ बंदर (उम्र 30 वर्ष) – पिता राधेश्याम सिसोदिया, निवासी ग्राम भोलगढ़, जिला अनूपपुर (म.प्र.)।
* संजय सिसोदिया (उम्र 38 वर्ष) – पिता टीकम सिसोदिया, निवासी ग्राम भोलगढ़, जिला अनूपपुर (म.प्र.)।
*50 से अधिक आपराधिक मामले हैं दर्ज:*
पूछताछ और रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि आरोपी संजय सिसोदिया जिला सतना के साल 2016 के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहा था। इन दोनों के खिलाफ मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों के कई जिलों में स्थायी वारंट लंबित हैं। दोनों आरोपियों पर विभिन्न थानों में कुल मिलाकर 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
*वारदात का तरीका: पूरा ‘प्रोफेशनल’ पैटर्न*
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उनका पूरा गिरोह बेहद शातिर और प्रोफेशनल तरीके से काम करता था। इनके निशाने पर हमेशा बैंक, एटीएम और बड़े व्यापारिक केंद्र होते थे:
बैंक के अंदर रेकी: गैंग का एक सदस्य ग्राहक बनकर बैंक के भीतर जाता था और यह देखता था कि कौन सा व्यक्ति बड़ी रकम निकाल रहा है।
*बाहर बाइक स्टार्ट कर निगरानी*: बाकी सदस्य बैंक के बाहर अपनी मोटरसाइकिल स्टार्ट करके घात लगाए खड़े रहते थे।
*चंद सेकंड में उड़ाते थे कैश:* जैसे ही टारगेट पैसे लेकर बाहर निकलता, ये उसका पीछा करते। मौका मिलते ही राह चलते व्यक्ति से बैग छीन लेते या फिर गाड़ी की डिग्गी का लॉक और कार का शीशा तोड़कर चंद सेकंड में कैश लेकर रफूचक्कर हो जाते थे।
*3 राज्यों की 26 वारदातों में 40 लाख की चोरी कबूली*
आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने फरार साथियों—पिंटू यादव व पुष्पेंद्र यादव (दोनों निवासी कटिहार, बिहार) और मखाड़ उर्फ लखन (निवासी लोहासुर, अनूपपुर) के साथ मिलकर तीन राज्यों में वारदातें कीं:
* *मध्य प्रदेश:* कटनी के उमरियापान से 50 हजार, बड़वारा में स्कूटी की डिग्गी से 2.50 लाख, स्लीमनाबाद से 80 हजार रुपये उड़ाए। इसके अलावा सतना से 3 लाख, नरसिंहपुर (गोटेगांव) से कुल 6.45 लाख, डिंडोरी से 1.50 लाख, उमरिया से 1.55 लाख, देवास से 6 लाख, शहडोल से 4 लाख के अलावा जबलपुर, पन्ना, खंडवा, होशंगाबाद और इटारसी में भी लाखों की उठाईगीरी की।
* *छत्तीसगढ़*: मनेंद्रगढ़ से 4.47 लाख, जशपुर के विभिन्न इलाकों से 3.40 लाख, कोरबा (कटघोरा) से दो वारदातों में 4 लाख और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से 20 हजार रुपये की चोरी की।
* *उड़ीसा*: संभलपुर में लगातार दो दिनों में क्रमशः 70 हजार और 40 हजार रुपये की चोरी को अंजाम दिया।
*जब्ती और आगामी कार्रवाई*
पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की बची हुई रकम और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली काले रंग की यूनिकॉर्न मोटरसाइकिल जब्त की है, जिसकी कुल कीमत 72 हजार रुपये आंकी गई है। फिलहाल पुलिस आरोपियों को कस्टडी में लेकर अन्य फरार साथियों और बाकी रकम के संबंध में पूछताछ कर रही है। फरार आरोपी पिंटू यादव की तलाश में दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही अन्य राज्यों और जिलों की पुलिस से भी आधिकारिक संपर्क साधा गया है।


