कटनी ग्रामीण समुदाय को निर्बाध एवं सतत पेयजल आपूर्ति का लाभ निरंतर उपलब्ध कराए जाने हेतु पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश (ग्रामीण नल-जल योजना के संचालन, संधारण और प्रबंधन) नियम 2026, मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) में 22 जून 2026 को प्रकाशित किए जाकर अधिसूचित किए गए हैं। नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला पंचायत सीईओ सुश्री हरसिमरनप्रीत कौर ने समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को, 22 बिंदुओं पर समयबद्ध आवश्यक कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि कार्यों का शत प्रतिशत अनुपालन 15 अगस्त 2026 के पूर्व किया जाना सुनिश्चित करें। उल्लेखनीय है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक जनपद पंचायत स्तर पर मध्यप्रदेश पंचायत (ग्रामीण नल-जल योजना संचालन, संधारण एवं प्रबंधन) नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्य रूप से जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उत्तरदायी होंगे।
*ग्रामीण नागरिकों को होने वाले फायदे*
जिला पंचायत सीईओ सुश्री कौर बताती हैं कि इन नियमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लक्षित परिवारों को निर्धारित गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा। इस हेतु विद्यमान एवं भविष्य में स्थापित होने वाली पेयजल योजनाओं की प्रभावशीलता एवं दीर्घकालिक स्थायित्व बनाए रखने हेतु ग्राम स्तर पर स्थापित आंतरिक जल वितरण प्रणाली का समुचित संचालन, नियमित संधारण एवं प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया जाना होगा। फलस्वरुप नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन से ऐसे प्रयास किए जाएंगे कि ग्रामीण समुदाय को निर्बाध एवं सतत पेयजल आपूर्ति का लाभ निरंतर प्राप्त होता रहे।
*15 जुलाई को संभाग स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला*
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि उक्त नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी एवं वित्तीय प्रावधानों की जानकारी प्रदान करने जिला एवं जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों की संभाग स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 15 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से जबलपुर में होने जा रहा है। सुश्री कौर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यशाला में जिला एवं जनपद पंचायत स्तर के संबंधित अधिकारियों को आवश्यक रूप से नियत समय एवं स्थान पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं।


