कालापीपल(बब्लू जायसवाल)नगर सहित क्षेत्र में कानून का कोई खौफ नहीं,जगह-जगह अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है,गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक ‘छलक रहे जाम’सबसे बड़ी बात ये सब पुलिस और आबकारी विभाग की नाक के नीचे हो रहा है,युवा पीढ़ी नशे की दलदल में धंसती जा रही है,घरेलू हिंसा और झगड़े बढ़ गए हैं,मोहल्ले की महिलाएं शाम होते ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं,
*स्थानीय लोगों का आरोप* माफियाओं को किसी “सफेदपोश”का संरक्षण मिला हुआ है,तभी तो शिकायत के बाद भी कार्यवाही शून्य है,
*जनता का सवाल*क्या पुलिस व आबकारी विभाग की आंखों पर पट्टी बंधी है ? या फिर हर महीने “हफ्ता” पहुंच जाता है*
जनता ने मांग की है कि पुलिस तुरंत छापेमारी करे और शराब माफियाओं की कमर तोड़े,नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वो पुलिस की गाड़ी देखते ही सिर्फ पॉकेट में बोतल छुपा लेते हैं, 5 मिनट बाद फिर से धंधा शुरू..!
*इसका असर क्या हो रहा है?*
– स्कूल-कॉलेज के लड़के नशे की लत में फंस रहे हैं
– महिलाएं परेशान रोज घरों में मारपीट,झगड़े और गाली-गलौज
– अपराध बढ़ा चोरी,लड़ाई और हादसों का ग्राफ तेजी से ऊपर,ये सब इतनी आसानी से कैसे चल रहा है ? क्या माफियाओं को किसी बड़े अफसर का “आशीर्वाद” मिला हुआ है ?


