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कटनी/उमरियापान। कटनी जिले के उमरियापान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बम्हनी मडेरा कॉलोनी में मंगलवार शाम करीब 5 बजे हुए एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। आंगनवाड़ी परिसर के पास लगे बिजली के खंभे के स्टे में करंट उतर आने से एक मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने बिजली विभाग के खिलाफ चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई घंटे तक यातायात बाधित रहा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बम्हनी मडेरा कॉलोनी निवासी संतोष कोरी का लगभग 5 वर्षीय पुत्र शिव आंगनवाड़ी परिसर के पास खेल रहा था। इसी दौरान वह वहां लगे बिजली के खंभे के स्टे के संपर्क में आ गया। स्टे में करंट प्रवाहित होने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उमरियापान लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली के खंभे के स्टे में करंट आने की शिकायत पहले भी बिजली विभाग को दी गई थी, लेकिन समय रहते आवश्यक सुधार कार्य नहीं किया गया। उनका कहना है कि यदि शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाती तो इस दर्दनाक हादसे को टाला जा सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही उमरियापान थाना प्रभारी महेंद्र जायसवाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्लीमनाबाद और ढीमरखेड़ा थाना पुलिस को भी बुलाया गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखी।
मौके पर ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल, स्लीमनाबाद एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी तथा उमरियापान के नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों से चर्चा कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।
बिजली विभाग की ओर से एई स्वामी प्रसाद यादव, डिवीजन अधिकारी शैलजा सिंह चौहान तथा जूनियर इंजीनियर मजहर अली खान (उमरियापान) भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मृतक के परिजनों को शासन के प्रावधानों के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया गया।
प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा कार्रवाई तथा आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
इस दर्दनाक हादसे ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
रिपोर्टर: राजेंद्र कुमार चौरसिया, ढीमरखेड़ा (कटनी)


