जिला अस्पताल के निरीक्षण में सुरक्षा गार्डों और सफाई कर्मचारियों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई, आठ घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने के निर्देश
आउटसोर्स कर्मचारियों के बकाया वेतन ब्याज सहित दिलाने के निर्देश
श्रम विभाग को कार्यवाही के निर्देश
जिला अस्पताल में 138 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत, कर्मचारियों ने खुलकर रखी अपनी बात
एसडीएम की मौजूदगी में श्रम विभाग ने की कार्यवाही शुरू
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सुरक्षा गार्डों, सफाई कर्मचारियों एवं अन्य कर्मियों के वेतन भुगतान में अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाया। शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन का पूरा भुगतान किया जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों तक उसका लाभ नहीं पहुंच रहा है, जो गंभीर मामला है।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा गार्डों ने बताया कि उन्हें एजेंसी द्वारा कभी 6 हजार, कभी 7 हजार और कभी 8 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुसार लगभग 12 हजार रुपये वेतन मिलना चाहिए। इस पर तत्काल श्रम अधिकारी को बुलाकर कर्मचारियों के बयान दर्ज कराने एवं प्रकरण तैयार करने के निर्देश दिए। स्पष्ट कहा कर्मचारियों को जितने समय से कम वेतन दिया गया है, उसकी पूरी बकाया राशि ब्याज सहित दिलाई जाएगी तथा संबंधित एजेंसी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों से ड्यूटी के घंटों की जानकारी लेते हुए कहा कि उनसे केवल आठ घंटे कार्य लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही भोजन अवकाश और सप्ताह में एक दिन का साप्ताहिक अवकाश भी मिलना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में श्रमिकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला अस्पताल में वर्तमान में 34 सुरक्षा कर्मी, 102 सफाई कर्मी तथा 2 हेल्प डेस्क कर्मी सहित कुल 138 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं।
स्टॉफ नर्स द्वारा विकसित पार्क की सराहना
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल परिसर में स्टाफ नर्सों द्वारा अपने अतिरिक्त समय में विकसित किए गए उद्यान का अवलोकन कर सराहना करते हुए कहा ऐसे प्रयास अस्पताल का वातावरण बेहतर बनाते हैं और सभी को संतुष्टि का अनुभव कराते हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं में लगातार सुधार हो रहा है तथा चिकित्सक और समस्त स्टाफ पूरी मेहनत से कार्य कर रहे हैं।
सभी चिकित्सकों से सिविल सर्जन को पूर्ण सहयोग देने की अपील करते हुए कहा कि अस्पताल में 300 बिस्तरों की क्षमता के बावजूद औसतन 400 मरीज भर्ती रहते हैं। स्टॅाफ की कमी के कारण कई बार सेवाओं में विलंब हो जाता है, ऐसे में सभी के सहयोग और धैर्य से ही व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सकता है।
श्रम विभाग ने एसडीएम की मौजूदगी में शुरू की कार्यवाही
एसडीएम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इस दौरान कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों से कथन आदि प्रक्रिया तत्काल शुरू की।


